पाक्सो एक्ट, महिला सुरक्षा व बाल अधिकारों को लेकर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित

जनपद बांदा।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वावधान में तथा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्षा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा अल्पना के निर्देशन में सोमवार को बाल संरक्षण एवं महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों को लेकर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। रोटी बैंक सोसाइटी, बांदा के सहयोग से शिविर मों विन्ध्यवासिनी मंदिर प्रांगण, खत्री पहाड़-गिरवां में आयोजित हुआ। शिविर में यौन अपराधों से बालकों की सुरक्षा अधिनियम-2012 (पाक्सो एक्ट), कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संरक्षण अधिनियम (PoSH Act), मानव तस्करी एवं बाल अधिकारों के संबंध में छात्र- छात्राओं एवं उपस्थित लोगों को महत्वपूर्ण कानूनी जानकारी दी गई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा के सचिव सौरव सिंह ने बाल दुर्व्यवहार के विभिन्न स्वरूपों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों के साथ शारीरिक, मानसिक, यौनिक अथवा भावनात्मक दुर्व्यवहार उनके जीवन पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने बताया कि बाल यौन शोषण केवल बलात्कार तक सीमित नहीं है, बल्कि अश्लील सामग्री दिखाना, अनुचित बातें करना, गलत तरीके से छूना, यौन कृत्य के लिए मजबूर करना, चॉकलेट अथवा पैसे का लालच देना तथा चाइल्ड पोर्नोग्राफी तैयार करना भी इसके अंतर्गत आता है। डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल, बांदा देवप्रकाश सरस्वती ने महिलाओं को कार्यस्थल अथवा घर पर होने वाले यौन उत्पीड़न के विरुद्ध आवाज उठाने तथा समय से शिकायत दर्ज कराने के लिए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए।

सहायक लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल रजत शर्मा ने पाक्सो act की जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करने के लिए वर्ष 2012 में यह महत्वपूर्ण कानून लागू किया गया। कानून में विभिन्न अपराधों के लिए कठोर दंड तथा त्वरित सुनवाई के लिए विशेष न्यायालयों का प्रावधान किया गया है।

पराविधिक स्वयं सेवक सुमन शुक्ला ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क एवं अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने निजी विद्यालयों में आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटों के आरक्षण की जानकारी भी दी। वहीं रोटी बैंक सोसाइटी, बांदा के संगठन मंत्री सुनील सक्सेना ने निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना एवं जननी सुरक्षा योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने भरण-पोषण से संबंधित कानूनी प्रावधानों तथा वैवाहिक विवादों के समाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण स्थित मध्यस्थता केंद्र की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

इस अवसर पर रोटी बैंक सोसाइटी की ओर से वृद्ध महिलाओं को साड़ियां तथा बच्चों को पेंसिल बॉक्स एवं किताबें वितरित की गईं। कार्यक्रम के अंत में रोटी बैंक सोसाइटी, बांदा के अध्यक्ष रिजवान अली ने अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। शिविर में रामनरेश वरिष्ठ लिपिक, राशिद अहमद डीईओ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पवन कुमार पाण्डेय शाखा प्रमुख, जगदीश श्रीवास, मो. सलीम, अलीमुद्दीन, अब्दुल मुजीब, शहाना खान, आदित्य धुरिया एवं राकेश कुमार सहायक अध्यापक सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट