जनपद बांदा।
जनपद न्यायालय, बांदा के कॉन्फ्रेंस हॉल में न्यायालय के तीन कर्मचारीगण सुरेश प्रसाद दीक्षित, सुरेश प्रसाद त्रिवेदी एवं मनोज कुमार जैन के सेवानिवृत्ति के अवसर पर भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारीगण ने बढ़- चढ़कर प्रतिभाग किया तथा सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के दीर्घ सेवाकाल, कर्तव्यनिष्ठा एवं न्यायिक संस्थान के प्रति उनके योगदान को स्मरण करते हुए उनके सुखद, स्वस्थ एवं मंगलमय भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम में अल्पना, जनपद न्यायाधीश बांदा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इसके अतिरिक्त चंद्रपाल, विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, डॉ. विकास श्रीवास्तव, विशेष न्यायाधीश, एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में रोआब आलम, पूर्व महामंत्री, सिविल कोर्ट, बांदा, प्रमोद श्रीवास्तव, प्रशासनिक अधिकारी, प्रेम बाबू, केंद्रीय नाज़िर, सौमित्र श्रीवास्तव, उप-नाज़िर, जितेंद्र कुमार, प्रशासनिक सहायक, मोतीलाल, शिवम आर्य, अमित गुप्ता, रोहित बाबू, संतोष साविता एवं मिथिलेश द्विवेदी सहित न्यायालय के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन जितेंद्र कुमार, प्रशासनिक सहायक द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अल्पना, जनपद न्यायाधीश, बांदा ने अपने संबोधन में सेवानिवृत्त होने वाले तीनों कर्मचारियों के दीर्घ सेवाकाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने न्यायिक संस्थान में अपने दायित्वों का निर्वहन निष्ठा एवं समर्पण के साथ किया है। उन्होंने तीनों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके आगामी जीवन के स्वस्थ, सुखी एवं शांतिपूर्ण होने की कामना की तथा कहा कि सेवानिवृत्ति सेवा का अंत नहीं, बल्कि जीवन के एक नए अध्याय का शुभारंभ है। डॉ. विकास श्रीवास्तव, विशेष न्यायाधीश, एससी/एसटी एक्ट ने भी समारोह को संबोधित करते हुए तीनों कर्मचारियों के साथ अपने सेवाकाल के अनुभवों एवं संस्मरणों को साझा किया। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों का व्यवहार, कार्य के प्रति निष्ठा तथा सहकर्मियों के साथ आत्मीय संबंध सदैव स्मरणीय रहेंगे। उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके आगामी जीवन में स्वास्थ्य, प्रसन्नता एवं समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर मनोज कुमार जैन एवं सुरेश प्रसाद दीक्षित के व्यक्तित्व एवं सेवाकाल का उल्लेख करते हुए वक्ताओं ने कहा कि दोनों ही कर्मचारी अपने कार्य के प्रति सजग, कर्तव्यनिष्ठ, सहयोगी एवं व्यवहारकुशल रहे हैं। न्यायालय की कार्यप्रणाली को सुचारु रूप से संचालित करने में उनके द्वारा दी गई सेवाएं सदैव स्मरणीय रहेंगी। विशेष रूप से मनोज कुमार जैन के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि वे अपने शासकीय दायित्वों के साथ-साथ आध्यात्मिक विषयों के गहरे अध्येता एवं अच्छे शिक्षक के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं।आध्यात्मिकता, जीवन-दर्शन एवं मानवीय मूल्यों के संबंध में उनकी समझ उल्लेखनीय रही है। इसके साथ ही वे भौतिक जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों तथा सामान्य ज्ञान के विविध क्षेत्रों में भी गहरी जानकारी रखते हैं। वे अपने ज्ञान एवं अनुभव को सहकर्मियों के साथ सहज भाव से साझा करते रहे, जिससे उनके सहकर्मियों को निरंतर प्रेरणा एवं मार्गदर्शन मिलता रहा। वक्ताओं ने कहा कि मनोज कुमार जैन का व्यक्तित्व ज्ञान, व्यवहारिकता, आध्यात्मिक चिंतन एवं सहज मानवीय संवेदनशीलता का सुंदर समन्वय रहा है। वहीं सुरेश प्रसाद दीक्षित के कर्तव्यनिष्ठ, सरल एवं सहयोगी व्यक्तित्व तथा न्यायिक सेवा में उनके योगदान की भी सराहना की गई। सुरेश प्रसाद त्रिवेदी के सेवाकाल एवं उनके द्वारा किए गए कार्यों को भी स्मरण करते हुए उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया। समारोह में उपस्थित न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारीगण ने तीनों सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ अपने आत्मीय संस्मरण साझा किए। इस अवसर पर वातावरण भावुक होने के साथ-साथ आत्मीय एवं उल्लासपूर्ण रहा।
अंत में सुरेश प्रसाद दीक्षित, सुरेश प्रसाद त्रिवेदी एवं मनोज कुमार जैन को सम्मानित करते हुए उनके आगामी जीवन के लिए स्वस्थ, सुखी, शांतिपूर्ण, समृद्ध एवं दीर्घायु जीवन की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। समारोह का समापन आत्मीय एवं भावुक वातावरण में हुआ। उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारीगण ने सेवानिवृत्त होने वाले तीनों साथियों के उज्ज्वल एवं सुखद भविष्य की कामना की।
Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट


