जनपद बांदा।
बांदा के कमासिन क्षेत्र अंतर्गत आशा बहूओ को प्रोत्साहन राशि समय से न मिलने से क्षुब्ध आशा बहुओं के संगठन ने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार को अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान आशा कार्यकत्रियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा कांटा। ज्ञापन में संगठन ने चेतावनी दी गई है, कि अगर अधिकारियों द्वारा मांगों पर विचार कर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आशा बहूए सात अक्टूबर से सभी सरकारी कार्यक्रमों का बहिष्कार करते हुए काम बंद कर देगी।
सोमवार को समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक सैकड़ा से ज्यादा आशा बहूओ ने 5 सूत्री मांग पत्र चिकित्सा अधीक्षक को सौपा। ज्ञापन देने के पहले सभी आशा बहूओ ने अस्पताल मे जमकर नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। इस दौरान अस्पताल की सभी स्वास्थ्य सेवाएं तीन घंटे से ज्यादा बाधित रही। आशा बहू संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष बिंदावती ने बताया कि सभी आशाएं लगातार शासन प्रशासन की जनकल्याणकारी सेवाएं व स्वास्थ्य सेवाओं को क्रियान्वित करने के लिए प्रयासरत रहतीं हैं।यहां तक की खड़ी दोपहर की धूप में में घर-घर जाकर सेवाओं को जन जन तक लाभ देने में पीछे नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा मात्र 75 रुपए प्रतिदिन की दर से प्रत्येक आशा को भुगतान होता है। लेकिन फिर भी दो या तीन माह तक विभागीय लापरवाही से भुगतान नहीं किया जाता। यह सब संबंधित अधिकारियों की लापरवाही के कारण भुगतान में देरी का नतीज़ा है। एक सैकड़ा से ज्यादा आशा बहूओ ने पांच सूत्री मांग को लेकर स्वहस्ताक्षरित ज्ञापन चिकित्सा अधीक्षक कमा सिन को सौंपते हुए कहा कि आशाओ/संगनियों को राज्य केंद्र कर्मचारियों का दर्जा दिया जाए, मासिक वेतन आशा को 18000 संगिनी को ₹25000 दिया जाए, संचारी, दस्तक, आयुष्मान, पोलियो आदि कार्यक्रमों का एक निश्चित भुगतान किया जाए, विजिट के दौरान आशा/ संगिनी को साधन उपलब्ध कराया जाय, ज्ञापन में चेतावनी देते हुए ब्लॉक अध्यक्ष बिंदावती ने कहा ग है कि यदि सात अक्टूबर तक हमारी मांगों को शासन प्रशासन गंभीरता से लेकर निश्चित समय पर निर्णय नहीं करता है तो सभी आशा बहू सरकारी कार्यक्रमों का बहिष्कार कर काम बंद कर देंगी।
Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट


