जनपद बांदा।
बांदा में पर्युषण पर्व के पांचवें दिन सोमवार को जैन समाज ने सुगंध दशमी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई। छोटी बाजार स्थित दिगंबर जैन मंदिर एवं जैन चैत्यालय जी में विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर बाल ब्रह्मचारी पंडित नन्हें भइया ने अपने प्रवचनों में उत्तम संयम धर्म की महिमा बताते हुए कहा कि संयम मनुष्य के जीवन को अनुशासन और आत्मिक शांति की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि इंद्रियों और मन पर नियंत्रण रखना ही संयम का मूल भाव है। मनुष्य यदि अपनी इच्छाओं, क्रोध, लोभ, मोह और कषायों पर नियंत्रण रखे तो वह आत्मकल्याण की ओर बढ़ सकता है। संयम केवल बाहरी नियमों का पालन नहीं, बल्कि अपने विचार, वाणी और व्यवहार को मर्यादित रखने का मार्ग है। उन्होंने श्रद्धालुओं से संयम को जीवन में अपनाने और आत्मशुद्धि की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

वहीं सुगंध दशमी के अवसर पर जैन समाज में विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए गए। श्रद्धालुओं ने भगवान की पूजा-अर्चना कर सुगंधित द्रव्यों से धार्मिक विधान संपन्न किए। सुगंध दशमी का संदेश बताते हुए कहा गया कि जिस प्रकार सुगंध वातावरण को सुवासित करती है, उसी प्रकार अच्छे विचार, सदाचार और संयम से मनुष्य का जीवन भी सुगंधित होता है।
मुनि सुब्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर में भगवान शीतलनाथ जी का महामस्तकाभिषेक श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया। अभिषेक के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। मंदिर परिसर में पूजा-पाठ और धार्मिक मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख-शांति और आत्मकल्याण की कामना की। श्रद्धालुओं ने पर्युषण पर्व के संदेश को आत्मसात करते हुए संयम, सदाचार और आत्मशुद्धि का संकल्प लिया।
Crime 24 Hours / Mitesh Kumar


