कांग्रेसियों ने मनाई पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती, किया याद

जनपद बांदा।

गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय, अवस्थी धर्मशाला, स्टेशन रोड, बांदा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित के नेतृत्व में भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक और करोड़ों युवाओं के प्रेरणास्रोत डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (अवुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम) जी की जयंती मनाई गई। वक्ताओं ने उनके बारे में बताते हुए कहा कि उनका जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में एक साधारण परिवार में हुआ था। देश के विकास, रक्षा तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को याद करने के लिए इस दिन को पूरे भारत में बेहद सम्मान के साथ मनाया जाता है।

इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने कांग्रेस जनों को संबोधित करते हुए कहा कि “डॉ. अब्दुल कलाम को बच्चों और छात्रों से अगाध प्रेम था। राष्ट्रपति पद से हटने के बाद भी उन्होंने अपना पूरा जीवन छात्रों को पढ़ाने और उनका मार्गदर्शन करने में बिताया। शिक्षा और छात्रों के प्रति उनके इसी समर्पण और सम्मान में उनकी जयंती (15 अक्टूबर) को विश्व विद्यार्थी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में उनके विचारों को याद करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं, भाषणों और विज्ञान प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कलाम जी की जयंती पर देश के रक्षा क्षेत्र में उनकी आत्मनिर्भरता की नींव को याद किया जाता है। उन्होंने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में एक वैज्ञानिक के रूप में अभूतपूर्व कार्य किए। उन्होंने ‘एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम’ (IGMDP) का नेतृत्व किया, जिसके तहत अग्नि (Agni) और पृथ्वी (Prithvi) जैसी घातक मिसाइलों का सफल निर्माण हुआ। इसी वजह से उन्हें ‘मिसाइल मैन ऑफ इंडिया’ कहा गया। उन्होंने कहा 1998 में राजस्थान के पोखरण में किए गए सफल परमाणु परीक्षणों में उन्होंने मुख्य वैज्ञानिक के रूप में एक ऐतिहासिक भूमिका निभाई, जिससे भारत एक घोषित परमाणु शक्ति संपन्न देश बना। भारत के पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान (SLV-III) के परियोजना निदेशक के रूप में उन्होंने रोहिणी उपग्रह को अंतरिक्ष में स्थापित किया।

जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने बताया कि वर्ष 2002 से 2007 तक डॉ. कलाम ने भारत के 11वें राष्ट्रपति के रूप में सेवा की। राष्ट्रपति भवन में रहने के बावजूद उनकी सादगी में कोई कमी नहीं आई। वे समाज के हर वर्ग, विशेषकर गरीब और वंचित बच्चों से सीधे जुड़ते थे, इसलिए उन्हें आज भी ‘जनता का राष्ट्रपति’ कहकर याद किया जाता है। देश के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए भारत सरकार ने उन्हें कई प्रतिष्ठित नागरिक पुरस्कारों से नवाजा, जिनका उनकी जयंती पर विशेष रूप से उल्लेख किया जाता है:

• पद्म भूषण (1981)

• पद्म विभूषण (1990)

• भारत रत्न (1997) — भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान

जिलाध्यक्ष ने कहा कि कलाम जी ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तकों जैसे “विंग्स ऑफ फायर” (Wings of Fire), “इग्नाइटेड माइंड्स” (Ignited Minds) और “इंडिया 2020” के माध्यम से देश को एक समृद्ध और विकसित राष्ट्र बनाने का रोडमैप दिया था। उनका मानना था कि देश की सबसे बड़ी ताकत यहाँ के युवा हैं। उनका एक विचार आज भी हर युवा की जुबान पर रहता है: “सपने वो नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, बल्कि सपने वो हैं जो हमें सोने नहीं देते।” डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी की जयंती केवल एक महान व्यक्तित्व के जन्मदिन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने, ईमानदारी से देश की सेवा करने और बड़े सपने देखकर उन्हें पूरा करने के संकल्प का दिन है।”

आज राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा से कांग्रेस में जय अवस्थी काजीपुर शामिल हुए, जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कराई। पूर्व राष्ट्रपति डॉ० ए पी जे अब्दुल कलाम जी की जयंती के अवसर पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष अफसाना शाह, जिला कांग्रेस कार्यालय प्रभारी शिवबली सिंह, जिला कंट्रोल रूम प्रभारी बी लाल भाई, बांदा कांग्रेस सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष सन्तोष कुमार द्विवेदी, अशोक वर्धन कर्ण, के पी सेन, लालबाबू राजपूत, बलबीर सिंह, हरिश्चंद्र बाजपेई, सैय्यद वारिस अली, सुखदेव गांधी, अली बख्श, शब्बीर सौदागर, इस्लाम सहित काफी संख्या में कांग्रेस जन उपस्थित रहे।

Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट