जनपद बांदा।
जनपद बांदा में दिनांक 02 नवम्बर 2026 को जल शक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद द्वारा दस दिवसीय खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी एवं माटी कला महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी महोदय, एडीएम नमामि गंगे, डीसी एनआरएलएम सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
शुभारंभ के उपरांत मंत्री द्वारा प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण किया गया तथा खादी, ग्रामोद्योग एवं माटी कला से जुड़े कारीगरों एवं उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों का अवलोकन किया गया। प्रदर्शनी में खादी एवं ग्रामोद्योग से संबंधित लगभग 100 स्टॉल तथा माटी कला से जुड़े लगभग 100 स्टॉल लगाए गए हैं। प्रदर्शनी के माध्यम से स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों एवं ग्रामीण उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं विपणन का बेहतर अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस अवसर पर आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्रतिभा सोनी एवं मयंक कुमार ने प्राप्त किया, जबकि द्वितीय स्थान अटल आवासीय विद्यालय की छात्रा ने तथा तृतीय स्थान ससी सीमा ने प्राप्त किया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों की कलात्मक प्रतिभा एवं रचनात्मकता की सराहना की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय मंत्री जी ने कहा कि खादी एवं माटी कला के उत्पाद हमारे देश की सांस्कृतिक विरासत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नींव हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ने चरखे के माध्यम से स्वदेशी एवं आत्मनिर्भरता का संदेश देते हुए स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। वहीं माटी कला हमारी धरती, परंपरा और ग्रामीण जीवन की पहचान है। इनसे जुड़े विभिन्न उद्यमों को प्रोत्साहित करने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा स्थानीय कारीगरों एवं शिल्पकारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।
मंत्री रामकेश निषाद ने जनपदवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में प्रदर्शनी में पहुंचकर खादी, ग्रामोद्योग एवं माटी कला के उत्पादों की खरीदारी करें तथा स्थानीय कारीगरों एवं उद्यमियों को प्रोत्साहित कर ‘वोकल फॉर लोकल’ एवं आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में अपना योगदान दें। इस अवसर पर मंत्री जी द्वारा जिला ग्रामोद्योग अधिकारी, बांदा योगेंद्र कुमार को प्रदर्शनी के सफल आयोजन एवं उत्कृष्ट व्यवस्थाओं के लिए विशेष रूप से बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों को बढ़ावा देना, माटी कला के पारंपरिक शिल्प को नई पहचान दिलाना, स्थानीय उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।
Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट


