जंतर-मंतर प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, दोषी पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्रवाई की उठाई मांग

जनपद बांदा।

बांदा में जनता दल (यूनाइटेड) उत्तर प्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष एवं बुंदेलखंड प्रभारी शालिनी सिंह पटेल के नेतृत्व में मंडलायुक्त चित्रकूट धाम मंडल, बांदा के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में जंतर-मंतर एवं संसद मार्च के दौरान प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं, विशेषकर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित अभद्र व्यवहार एवं बल प्रयोग की निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि यदि जांच में कोई पुलिस अधिकारी या कर्मचारी महिलाओं की गरिमा के विरुद्ध आचरण, अनुचित बल प्रयोग अथवा कानून के उल्लंघन का दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि देश की बेटियों का संविधान और न्याय व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत हो। ज्ञापन में संविधान द्वारा प्रदत्त शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का उल्लेख करते हुए कहा गया कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना अपराध नहीं है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर किसी भी नागरिक, विशेषकर महिलाओं की गरिमा से समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस अवसर पर जेडीयू प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रविंद्र नाथ गुप्ता, महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष पिंकी प्रजापति, जिला अध्यक्ष उमा कांत सविता, काशी प्रसाद याज्ञिक, बिहारी लाल अनुरागी, राघवेंद्र सिंह, श्रीराम प्रजापति, रितेश गुप्ता, भारत लाल कुशवाहा, रमाशंकर, गोपाल माली, राजकुमार सहित करीब दो दर्जन कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई।

Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट