जनपद बांदा।
बांदा शहर के गल्ला मंडी के सामने आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के सप्तम दिवस पर सुदामा चरित्र की कथा ने श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया। श्रीधाम चित्रकूट के प्रसिद्ध संत आचार्य पंकज त्रिपाठी महाराज ने कहा कि द्वारका में निर्धन ब्राह्मण सुदामा जब अपने मित्र श्रीकृष्ण से मिलने पहुंचे तो भगवान ने नंगे पांव दौड़कर उन्हें गले लगा लिया और त्रिलोक की संपत्ति दे दी, यही सच्ची मित्रता है। उन्होंने बताया कि आज सप्तम दिवस पर ही परीक्षित मोक्ष की कथा होगी, जिसमें श्राप के सातवें दिन तक्षक नाग द्वारा राजा परीक्षित को डसने और भागवत श्रवण से उनकी मुक्ति का वर्णन है। इसके बाद शुकदेव जी के बद्रीनाथ प्रस्थान की कथा सुनाई जाएगी। कथा का पाठ एवं पूजन-अर्चन पंडित दिवाकर शुक्ला एवं परमानंद त्रिपाठी द्वारा विधि-विधान से कराया जा रहा है। बुंदेलखंड के सुप्रसिद्ध सिंगर रामदास द्विवेदी और तबला वादक कुलदीप त्रिपाठी ने सुमधुर भजनों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। कथा परीक्षित के रूप में लक्ष्मी-शिवम सपरिवार कथा का रसपान कर रही हैं।
Crime 24 Hours / Mitesh Kumar


