जनपद बांदा।
भारी बरसात के बावजूद मंगलवार को केन माता के पावन तट पर गंगा समग्र कानपुर प्रांत एवं विश्व हिंदू महासंघ गौरक्षा के संयुक्त आयोजन में केन माता की महाआरती श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुई। बारिश की परवाह किए बिना बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाआरती में शामिल हुए और केन माता से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, पर्यावरण संरक्षण एवं जनकल्याण की प्रार्थना की। महाआरती के दौरान कुछ दिन पूर्व अयोध्या में कांग्रेस पार्टी के एक कार्यक्रम में कथित रूप से मीट भोज आयोजित किए जाने की चर्चा को लेकर श्रद्धालुओं ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। भक्तों ने कहा कि अयोध्या केवल एक सामान्य धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था और प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि है। ऐसे पवित्र स्थान पर किसी भी राजनीतिक या सार्वजनिक कार्यक्रम में धार्मिक भावनाओं और स्थानीय धार्मिक मर्यादाओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। श्रद्धालुओं ने कहा कि वर्तमान समय में सावन का पावन महीना चल रहा है, जिसे हिंदू समाज में भगवान भोलेनाथ की आराधना एवं धार्मिक आस्था के लिए विशेष महत्व प्राप्त है। ऐसे समय में अयोध्या जैसे पवित्र धार्मिक क्षेत्र में आयोजित किसी भी कार्यक्रम को लेकर यदि श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं, तो प्रशासन को मामले का संज्ञान लेकर तथ्यों की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।
महेश कुमार प्रजापति ने किया कड़ा उद्बोधन:
इस अवसर पर विश्व हिंदू महासंघ गौरक्षा के जिलाध्यक्ष महेश कुमार प्रजापति ने अपने उद्बोधन में कहा कि अयोध्या करोड़ों सनातनियों की आस्था का केंद्र है और प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि की मर्यादा का सम्मान करना प्रत्येक राजनीतिक दल एवं संगठन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि, “हम किसी भी व्यक्ति या संगठन के विरुद्ध असंवैधानिक या हिंसक विरोध के पक्षधर नहीं हैं लेकिन यदि किसी कार्यक्रम से हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत होने की स्थिति बनती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय होना आवश्यक है। राजनीतिक दलों को भी यह समझना चाहिए कि धार्मिक स्थलों की गरिमा और करोड़ों लोगों की आस्था किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम से ऊपर है।” महेश कुमार प्रजापति ने आगे कहा कि हिंदू समाज को अपनी आस्था, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के सम्मान के लिए शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि अयोध्या में बताए जा रहे कार्यक्रम के संबंध में उपलब्ध तथ्यों की जांच कर स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता अथवा कानून का उल्लंघन प्रमाणित होता है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रशासन से प्रमुख मांगें:
गंगा समग्र कानपुर प्रांत एवं विश्व हिंदू महासंघ गौरक्षा की ओर से मांग की गई कि अयोध्या में बताए जा रहे उक्त कार्यक्रम की निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच कराई जाए। कार्यक्रम की अनुमति, आयोजन एवं भोजन व्यवस्था से संबंधित तथ्यों की जांच की जाए। यदि जांच में कानून का उल्लंघन अथवा धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कोई गतिविधि प्रमाणित होती है तो संबंधित व्यक्तियों/आयोजकों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।भविष्य में अयोध्या जैसे पवित्र धार्मिक स्थलों पर होने वाले सार्वजनिक एवं राजनीतिक कार्यक्रमों में धार्मिक मर्यादाओं और जनभावनाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। महाआरती में उपस्थित श्रद्धालुओं ने कहा कि गंगा, नदियों और धार्मिक आस्था की रक्षा केवल धार्मिक दायित्व नहीं बल्कि सामाजिक एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारी भी है। भारी बारिश के बीच भी भक्तों का उत्साह इस बात का प्रतीक रहा कि सनातन संस्कृति, प्रकृति और धार्मिक आस्था के प्रति लोगों की श्रद्धा अटूट है। गंगा समग्र कानपुर प्रांत एवं विश्व हिंदू महासंघ गौरक्षा ने स्पष्ट कहा कि धार्मिक आस्था का सम्मान सभी राजनीतिक दलों और संगठनों की जिम्मेदारी है। हिंदू समाज अपनी आस्था, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के सम्मान के लिए लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा।
Crime 24 Hours / Mitesh Kumar


