जनपद बांदा।
बांदा के कमासिन नारायनपुर फीडर से जुड़ी विद्युत समस्याओं को लेकर रविवार को कमासिन क्षेत्र के 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र बीरा में बड़ी संख्या में किसानों ने पावर हाउस का घेराव कर प्रदर्शन किया। किसान ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल और चार पहिया वाहनों से पहुंचे। प्रदर्शन में महिलाएं, पुरुष और छात्राएं भी शामिल रहीं। जिला पंचायत सदस्य राजा विश्वकर्मा भी किसानों के साथ मौजूद रहे। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुए प्रदर्शन के दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी की और “इंकलाब जिंदाबाद” तथा “भारत माता की जय” के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने विद्युत विभाग के दो लाइनमैन समेत जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
किसानों का आरोप है कि नारायनपुर फीडर की विद्युत व्यवस्था लंबे समय से बदहाल है, जिससे खेतों की सिंचाई के साथ घरेलू बिजली आपूर्ति भी प्रभावित है। प्रदर्शन के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित रहने से उमस भरी गर्मी में महिलाएं, किसान और छात्राएं परेशान रहीं। दोपहर करीब 2:30 बजे जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह पटेल मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से वार्ता का प्रयास किया। काफी देर तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिसके चलते किसान और महिलाएं नारेबाजी करते रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष ने प्रदर्शनकारियों की समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। किसानों ने उन्हें मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा।
देर शाम विद्युत उपकेंद्र जामूं में तैनात जेई शत्रुघन भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। किसानों ने जेई के सामने आरोप लगाया कि पिछले करीब तीन माह से लाइनमैन द्वारा कथित रूप से बिना पैसे लिए विद्युत कनेक्शन नहीं किए जा रहे हैं। ग्रामीणो ने लाइन जोड़ने के नाम पर हजारों रुपए लिए जाने का आरोप लगाया। साथ ही लाइनमैन पर ग्रामीणों से कथित रूप से लिए गए पैसों से शराब पीने का भी आरोप लगाया गामीणो ने उपकेंद्र परिसर पर शराब की खाली बोतले दिखाते हुए मामले की शिकायत जेई से की । जेई शत्रुघन ने ग्रामीणों को मामले से उच्य अधिकारियों को अवगत कराने और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील पटेल ने भी ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और कहा कि ज्ञापन में दर्ज समस्याओं के संबंध में आवश्यक कार्रवाई कराने का प्रयास किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली संकट के कारण उनकी स्थिति बेहद कठिन हो गई है।खेतो की खिंचाई प्रभावित होने के साथ घरों में भी रोशनी नहीं रहती। अंधेरी रात में जहरीले कीड़े मकोड़ों का खतरा बना रहता है। वहीं बिजली न रहने से छात्र छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
Crime 24 Hours / Mitesh Kumar


