जनपद बांदा।
बांदा में ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत कार्यरत कैडर महिलाओं के मानदेय समेत विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को करीब दो सैकड़ा महिलाओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने पहुंची महिलाओं का नेतृत्व जेडीयू प्रदेश उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी बुंदेलखंड शालिनी सिंह पटेल ने किया। महिलाओं ने समूह सखी, बैंक सखी, स्वास्थ्य सखी, आजीविका सखी सहित विभिन्न कैडर के लिए सम्मानजनक मानदेय, समय से भुगतान, स्थायी नियुक्ति, पहचान पत्र, आयुष्मान कार्ड एवं सुरक्षा बीमा तथा मोबाइल इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि एनआरएलएम के तहत कार्यरत महिलाएं गांव-गांव जाकर स्वयं सहायता समूहों से महिलाओं को जोड़ने, बैठक कराने, बैंकिंग संबंधी कार्य, केवाईसी सहित विभिन्न जिम्मेदारियां निभा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त मानदेय नहीं मिल रहा है। महिलाओं ने मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग की। इस मौके पर शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि महिलाएं केवल वोट देने के लिए नहीं बनी हैं, बल्कि अपने हक और अधिकार के लिए लड़ना भी जानती हैं। देश की आधी आबादी अब चुप नहीं रहेगी।

उन्होंने कहा कि चुनावी रैलियों में महिलाओं को भर-भरकर बसों में ले जाया जाता है और भीड़ दिखाने के लिए उनका इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन जब यही महिलाएं अपने अधिकार मांगती हैं तो उन्हें उनका अधिकार नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं की मांगों पर शीघ्र उचित निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। शालिनी सिंह पटेल ने ऐलान किया कि 12 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे बांदा के अशोक लाट से महिलाएं पैदल मार्च करते हुए मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचेंगी और मंडलायुक्त कार्यालय का घेराव करेंगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन महिलाओं के सम्मान, अधिकार और उनकी मेहनत के उचित पारिश्रमिक की मांग को लेकर है। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि उनका मानदेय नहीं बढ़ाया गया और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में महिलाएं मतदान के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराने के विकल्प पर विचार करेंगी। ज्ञापन के दौरान करीब दो सैकड़ा महिलाएं मौजूद रहीं और सभी ने अपनी मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की।
Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट


