ज्ञानेश्वर प्रसाद जी को श्रृद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी पत्नी द्वारा किया गया सेवा कार्य

जनपद बांदा।

बांदा के प्रसिद्ध समाजसेवी और भारतीय बौद्ध महासभा के जिलाध्यक्ष ज्ञानेश्वर प्रसाद के परिनिर्वाण प्राप्त ज्ञानेश्वर प्रसाद जी, जो भारतीय बौद्ध महासभा के बांदा शाखा के जिला अध्यक्ष, असंगठित मजदूर मोर्चा के जिला बांदा के जिलाध्यक्ष, आर० ए० निर्मल शिक्षा प्रसार समिति बिजली खेड़ा, बांदा के कोषाध्यक्ष, सिद्धार्थ ज्ञान स्थली बिजली खेड़ा, बांदा के संचालक रहे हैं जिनका परिनिर्वान दिनांक 18 अप्रैल 2026, दिन शनिवार को हो गया था को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सेवा कार्य किया गया और बताया गया कि उनका सम्पूर्ण जीवन समाज सेवा, शिक्षा, मानवता , बंधुत्वता भाई चारा तथा जरूरतवंदों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उनकी सदैव यही अंतिम इच्छा थी कि उनके परिनिर्वाण होने के बाद कोई अंधविश्वास पाखंड दिखावा न हो, बल्कि गरीब, असहाय और जरूरतबंद लोगों की सेवा की जाए। आशा निर्मल प्रधानाचार्या ने अपने पति की उसी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए दिनांक 20 अप्रैल 2026 को भंते जी के सान्निध्य में शांति पाठ एवं कन्या भोज का आयोजन कर परिवारजनों एवं रिश्तेदारों को भोजनदान कराया। इसके उपरान्त में रेलवे स्टेशन, जिला अस्पताल, में भी भोजनदान कराया। इसी क्रम में दिनाँक 30-04-2026 दिन  गुरूवार को( तेरहवीं संस्कार) में अपने पूरे परिवार के साथ ,संघमित्रा बौद्ध विहार अंबेडकर पार्क कचेहरी बांदा, रेलवे स्टेशन, संकट मोचन मंदिर, मेडिकल कॉलेज, तथा झुग्गी-झोपड़ियों में जाकर जरूरतबंदों के बीच स्टेशनरी वितरण, फल वितरण, वस्त्रदान एवं भोजनदान का कार्य सम्पन्न कराया। उनकी पत्नी आशा निर्मल ने कहा कि मेरा मानना है कि किसी प्रियजन की सच्ची श्रद्धांजलि केवल रस्मों में नहीं, बल्कि मानव सेवा, करुणा और दान में होती है। उन्होंने कहा कि आज मुझे संतोष है कि मैंने अपने पति की अंतिम इच्छा को पूरा करने का प्रयास किया और उनके दिखाए मानवता के मार्ग को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। तथागत गौतम बुद्ध जी से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को शांति प्रदान करें और हमें उनके आदर्शों पर चलने की शक्ति दें।

Crime 24 Hours/Mitesh Kumar