बेटी की अस्मत में भी खोजा जा रहा राजनैतिक लाभ

खागा, फतेहपुर :’- बीते दिनों कुछ दरिंदों ने बेटी की अस्मत लूट लिया और मौके से फरार हो गए। जैसे ही राजनीतिक दलों को इस दुर्भाग्य पूर्ण घटना की जानकारी हुई तो राजनीतिक दल बेटी की अस्मत पर भी राजनीतिक लाभ खोजना शुरू कर दिया और बेटी के घर पहुंच कर उसकी दुखती रग में बार-बार उंगली रखकर हमदर्दी की सियासत किया जा रहा है। वही प्रशासन को बिगड़ते माहौल की जानकारी होते ही राजनीतिक दलों, समाज सेवी संगठनों को मौके पर जाने पर रोक लगा दिया। वहीं पीड़िता व परिजनों की सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया लेकिन राजनीतिक दलों की सियासी हमदर्दी रुकने का नाम नहीं ले रही।

प्रशासन की कानूनी रोक के बाद भी सियासी दलों की सियासत रुकने का नाम नहीं ले रही। भारी पुलिस के मौजूदगी के बाद भी राजनीतिक दलों के नेताजी मौके पर पहुंचने के लिए तमाम सियासी दाव कैमरों की भारी चमक के बीच करते देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ प्रशासन फरार आरोपी पर लगातार इनाम की राशि बढ़कर जल्दी ही सलाखों के पीछे भेजने के लिए प्रयासरत है। वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक दलों की सियासत रुकने का नाम नहीं ले रही। सियासत के लिए नेताजी प्रशासन को भी खरी खोटी सुनाने में गुरेज नहीं कर रहे। जिससे प्रशासन की दोहरी मुश्किलें बढ़ती जा रही है। एक तरफ जहां प्रशासन पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए फरार आरोपी के गिरफ्तारी में उलझी है। वही नेता जी की सियासत भी प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। नेताजी अपने वोट बैंक के चक्कर में पीड़िता के दरवाजे पर दस्तक देकर कौन सा न्याय देना चाह रहे हैं यह एक यक्ष प्रश्न है। वही बाहर आकर पीड़िता को न्याय दिलाने का दावा करके शासन और प्रशासन की खामियां बता कर अपने कर्तव्य की इत् श्री मान रहे हैं। प्रश्न यह उठता है कि आखिर कब तक दुर्भाग्यपूर्ण सामूहिक दुष्कर्म जैसी घटनाओं पर सियासत खेल खेला जाएगा और पुलिस प्रशासन सुरक्षा के नाम पर हौवानो को खुला छोड़कर कानून व्यवस्था चुस्त और दुरूस्त का दवा ठोकर अपनी ही पीठ थपथपाती रहेगी।

ब्यूरो रिपोर्ट