
जनपद बांदा।
बांदा में गुरुवार को राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद रजि० बांदा इकाई के पदाधिकारियों द्वारा नवागंतुक जिलाधिकारी अमित आसेरी से शिष्टाचार भेंट कर महर्षि बामदेव का मोमेंटो भेंट किया गया साथ ही एक ज्ञापन सौंपकर पत्रकारों के हितों को लेकर आवश्यक कार्यवाही की मांग की है। ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया है कि एक पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में कार्य करता है जिसकी जिम्मेदारी होती है कि वह निष्पक्ष, सटीक जानकारी, जनता की आवाज उठाना, सरकार की विभिन्न प्रकार की नीतियों तथा योजनाओं की जानकारी धरातल तक पहुंचना एवं निस्वार्थ भावना से देश और समाज के हितों को देखते हुए कार्य करे, परन्तु वर्तमान में पत्रकारों पर कई प्रकार की घटनाएं आए दिन सामने आती रहती है जिससे पत्रकार अपनी निष्पक्षता, सटीक जानकारी प्रदान करना, अवैध कार्यों की रिपोर्टिंग करना और अन्य महत्वपूर्ण चीजें जोकि समाज के सामने लाना आवश्यक है उक्त के मद्देनजर स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं कर पाता उसका विशेष कारण यह है कि पत्रकारों पर राजनैतिक दबाव, प्रशासनिक दबाव, जान से मारने की धमकी जैसी कई प्रकार की परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है जो एक पत्रकार को कमजोर करते हैं और कई बार तो पत्रकारों और उनके परिवार पर भी ऐसी घटनाएं हुई है जो किसी से छुपी नहीं है, एक पत्रकार लोकतंत्र के हितों की रक्षा तभी कर सकेगा जब वह स्वतंत्र हो, निडर हो और उसपर किसी भी प्रकार का दबाव न हो और शासन प्रशासन उसके सहयोग हेतु तत्पर रहे साथ ही उनपर किसी प्रकार की आपत्तिधविपत्ति आने पर कोई झूठा मुकदमा न लिखा जाए या उसकी जान को कोई खतरा न हो तभी एक पत्रकार स्वतंत्र रूप से देश और समाज की सेवा में तत्पर रह सकेगा, साथ ही सरकार द्वारा एक ऐसा श्रोत बनाया जाना भी उचित है जिससे पत्रकार अपनी और अपने परिवार की जीविका भी चला सके इसके लिए आय का श्रोत होना भी अति आवश्यक है, अतः पत्रकारों के हितों के मद्देनजर कुछ महत्वपूर्ण बिंदु निम्नलिखित है जिसके मद्देनजर आवश्यक कार्यवाही किया जाना उचित है जोकि पत्रकारों एवं लोकतंत्र के लिए हितकर सिद्ध होंगे:-
1- सुरक्षा और कानूनी संरक्षण:- पत्रकारों पर हमले, धमकी या उत्पीड़न के मामलों में सख्त कानून बने और तेजी से कार्रवाई हो “पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाए तथा संवेदनशील रिपोर्टिंग (जैसे अपराध, भ्रष्टाचार) के दौरान पत्रकार को पुलिस सुरक्षा मिले।
2- मीडिया की स्वतंत्रताः- सरकार या किसी भी समूह द्वारा सेंसरशिप या दबाव न डाला जाए, निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए स्वतंत्र माहौल सुनिश्चित किया जाए
3- आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा:- पत्रकारों के लिए न्यूनतम वेतन तय किया जाए फ्रीलांस और छोटे मीडिया संस्थानों के पत्रकारों के लिए बीमा (स्वास्थ्यध्जीवन) और पेंशन योजनाएं समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए
4- कार्य परिस्थितियों में सुधार:- पत्रकार के कार्य के घंटे तय हों और ओवरटाइम का भुगतान मिले, फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान सुरक्षा उपकरण और संसाधन उपलब्ध हों
5- फर्जी मुकदमों और दबाव से राहतः- पत्रकारों पर झूठे केस (SLAPP suits) को रोकने के लिए विशेष प्रावधान, मानहानि कानून का दुरुपयोग न हो, इसके लिए सुधार होना आवश्यक है
6- प्रशिक्षण और विकास:- पत्रकारों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम (डिजिटल मीडिया, डेटा जर्नलिज्म आदि), नए पत्रकारों के लिए स्कॉलरशिप और सरकारी सहायता
7- डिजिटल और ऑनलाइन सुरक्षा:- ऑनलाइन ट्रोलिंग, धमकी और साइबर हमलों से बचाव के लिए सख्त नियम बनाए जाए, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पत्रकारों की सुरक्षा के लिए नीति बनाई जाए
8- सरकारी मान्यता एवं निशुल्क आवागमन सुविधाएं:- कम से कम 5 वर्ष तक रजिस्टर्ड संस्था में जुड़कर कार्य कर चुके सभी पत्रकारों को सरकारी मान्यता का प्रेस कार्ड प्रदान किया जाए एवं बस व ट्रेन में आवागमन हेतु निःशुल्क सुविधा लागू की जाए।
9- जनपद बाँदा में निरंतर पत्रकारिता क्षेत्र में काम करने वालीं महिलाओं को भी मान्यता शासन से मिलनी चाहिए
10- पत्रकारों के लिए भी माह में एक दिन बैठक सुनिश्चित करना चाहिए ताकि उनकी समस्या अधिकारियों तक सीधे पहुंच सके।
11- कलेक्ट्रेट परिसर में पत्रकार बंधु जन समस्याओं को लेकर या शासन प्रशासन से संबंधित जो भी कार्यक्रम होते हैं उनकी कवरेज करने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद रहते हैं। लेकिन पत्रकार बंधुओ के लिए कहीं भी खड़े होने या बैठने का स्थान नहीं है पहले के बने टीन शेड हटा दिए गए हैं इसलिए पत्रकारों को अब बारिश व गर्मी में खड़े होने बैठने का स्थान नहीं बचा है जिसके अंतर्गत कहीं भी एक टीन सेट या स्थाई हाल बनवाने की मांग की गई है।
परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि उक्त मामले को संज्ञान लेकर पत्रकारों के हित आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें, जो पत्रकार, देश, समाज और लोकतंत्र के हितकर होगा। इस दौरान जिलाध्यक्ष नीरज निगम, महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष रूपा गोयल, संध्या धुरिया, युवा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष श्रीकांत श्रीवास्तव, जिला प्रभारी आसिफ अली, जिला महासचिव मितेश कुमार, धर्मेंद्र सिंह, सत्यनारायण निषाद, पूरन राय, जीवेश प्रकाश, राजाराम राही, राजकुमार, कुलदीप मिश्रा, बादल सिंह सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य लोग मौजूद रहे।
Crime 24 Hours/ब्यूरो रिपोर्ट


