
– दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा अयोध्या वाटिका खागा में चल रही तीन दिवसीय श्री हरि कथा के द्वितीय दिवस दिव्य गुरु सर्व श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य कथा वाचक स्वामी श्री दिव्यश्वरानंद जी ने मनुष्य के जीवन मे गुरु की अनिवार्यता को बताते हैं कि मायारूपी भव सागर से मनुष्य को निकलने के एक पूर्ण सतगुरु की आवश्यकता होती हैं, गुरु के कृपा के बिना भव सागर पार नहीं कर सकता |
गुरु ही वह दिव्य प्रकाश हैं जो अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का दीप प्रज्वलित करते हैं।
स्वामी श्री दिव्यश्वरानंद जी ने अपने प्रवचनों में कहा कि शास्त्रों के अनुसार गुरु के बिना ज्ञान, भक्ति और मोक्ष का मार्ग अत्यंत कठिन है। गुरु केवल शिक्षा देने वाले व्यक्ति नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक, प्रेरणास्रोत और आत्मिक उत्थान के आधार होते हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने महर्षि वशिष्ठ और महर्षि विश्वामित्र से शिक्षा प्राप्त की, भगवान श्रीकृष्ण ने महर्षि सांदीपनि को गुरु रूप में स्वीकार किया और भगवान शिव स्वयं गुरु-तत्त्व की महिमा का वर्णन करते हैं। इससे स्पष्ट होता है कि गुरु का स्थान अत्यंत श्रेष्ठ और वंदनीय है।
शास्त्रों में कहा गया हैँ
गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
अर्थात गुरु ही ब्रह्मा हैं, गुरु ही विष्णु हैं, गुरु ही महेश्वर हैं और गुरु ही साक्षात् परब्रह्म स्वरूप हैं।
स्वामी शिवशरणानंद महाराज ने बताया कि सच्चा गुरु जीव को ब्रह्मज्ञान देखकर ईश्वर का साक्षात्कार कराते हैं, भीतर छिपी हुई दिव्यता को जागृत करता है, उसे सत्य, सेवा, सदाचार, करुणा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। गुरु के उपदेशों का पालन करने वाला व्यक्ति न केवल अपना जीवन सफल बनाता है, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।
उन्होंने समाज से आह्वान किया कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ में भी भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा को जीवित रखें, अपने बच्चों में नैतिक संस्कार विकसित करें तथा आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाकर एक सशक्त, संस्कारित और समरस समाज के निर्माण में सहभागी बनें। इस अवसर पर संस्थान के शाखा प्रयागराज संयोजक स्वामी विश्वनाथानंद जी की उपस्थिति रही | कथा में अतिथि श्री पप्पू द्विवेदी, श्री अविनाशचंद्र द्विवेदी, श्री संतोष मिश्रा, श्री राजू द्विवेदी, श्री अशोक मोटर्स बाजपेई, श्री सुनील शुक्ला, श्री मुकेश मिश्रा, श्री अभिषेक त्रिपाठी, श्री छत्रपाल मौर्य, श्री अभय त्रिपाठी, श्री अतुल सिंह, श्री गोरे लाल, श्री विष्णु सिंह की गरिमामय उपस्थिति रही I


