गौशाला पर तीन गोवंश मिले मृत, दो गंभीर, भ्रष्टाचार चरम पर: गौ रक्षा समिति

जनपद बांदा।

बांदा में गौशालाओं की बदतर स्थिति को देखते हुए विश्व हिंदू महासंघ गौ रक्षा समिति ने कड़ी नाराजगी जताई है। समिति ने बाँदा की तिंदवारी ब्लॉक अंतर्गत संचालित अस्थाई गौशालाओं में अव्यवस्था और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार द्वारा लाखों रुपये फंड जारी करने के बाद भी गौवंश भूख-प्यास से दम तोड़ रहे हैं। विश्व हिंदू महासंघ गौरक्षा के जिला अध्यक्ष महेश कुमार प्रजापति ने अपनी टीम के साथ ब्लॉक की गौशालाओं का औचक निरीक्षण किया तो हृदय विदारक तस्वीर सामने आई।

1. ग्राम पंचायत मुंगुस : यहाँ संचालित अस्थाई गौशाला में गौवंशों को सिर्फ सूखा भूसा खिलाया जा रहा है। एक गौवंश गंभीर अवस्था में तड़पता मिला, जिसके लिए कोई चिकित्सीय व्यवस्था नहीं थी।

2. ग्राम पंचायत सेमरी : इस गौशाला के अंदर का दृश्य रोंगटे खड़े कर देने वाला था। गौशाला के अंदर तीन गौवंश मृत पड़े मिले और दो गौवंश गंभीर अवस्था में बीमार मिले। चरही पूरी तरह खाली मिली। गौशाला के अंदर भारी गंदगी और अव्यवस्था फैली थी। कर्मचारियों ने बताया कि ग्राम पंचायत सचिव को कई बार अवगत कराने के बाद भी कोई व्यवस्था नहीं कराई गई।

3. ग्राम पंचायत गोखरही : यहाँ तो भ्रष्टाचार की सारी हदें पार हो गई। शासन का आदेश अगस्त माह से गौवंशों को संरक्षित करने का था, लेकिन गौशाला के अंदर एक भी गौवंश नहीं मिला। गौशाला के अंदर घुटनों तक पानी भरा हुआ था। जबकि सरकार द्वारा इस गौशाला के लिए लगातार फंड रिलीज किया जा रहा है। पिछले वर्ष ठंड में 80,000 रुपये के रूम हीटर लगाए जाने का कागजों में दिखावा किया गया, लेकिन मौके पर एक भी रूम हीटर मौजूद नहीं मिला।

गौ रक्षा समिति के जिलाध्यक्ष महेश प्रजापति का कहना है कि स्पष्ट है कि गौशालाओं के नाम पर आ रहा सरकारी पैसा खंड विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान और पशु विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से बंदरबांट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू महासंघ गौरक्षा इस घोर लापरवाही की कड़ी निंदा करता है और जिलाधिकारी बाँदा से मांग करता है कि दोषी बीडीओ, सचिव, प्रधान और पशु विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने आगाह किया कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा।

Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट