जनपद बांदा।
गुरुवार को आयुक्त चित्रकूटधाम मण्डल, बाँदा अजीत कुमार की अध्यक्षता में स्कूली बच्चों की सुरक्षित एवं सुगम आवागमन व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बैठक आयोजित की गई। बैठक में सम्भागीय परिवहन अधिकारी, संयुक्त निदेशक (माध्यमिक शिक्षा), सहायक निदेशक (बेसिक शिक्षा), समस्त सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में परिवहन विभाग द्वारा संचालित “मिशन सेफ फ्यूचर 2.0” के अन्तर्गत दिनांक 11 से 25 अगस्त, 2026 तक चलाए जा रहे विशेष अभियान की समीक्षा की गई। आयुक्त महोदय ने स्पष्ट किया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।मण्डल के सभी जनपदों में विद्यालयों द्वारा संचालित अथवा बच्चों के आवागमन में प्रयुक्त वाहनों की फिटनेस, परमिट, पंजीयन एवं सुरक्षा मानकों का सघन सत्यापन कराया जाए।
आयुक्त अजीत कुमार ने निर्देशित किया कि कोई भी जर्जर, अनफिट अथवा असुरक्षित वाहन सड़क पर संचालित न हो। बिना वैध फिटनेस प्रमाण-पत्र वाले वाहन से स्कूली बच्चों का परिवहन किसी भी दशा में न किया जाए। बार-बार नोटिस के बावजूद फिटनेस न कराने वाले विद्यालयों/वाहन संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर प्रवर्तन कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। सभी विद्यालयों में यह सुनिश्चित किया जाए कि वाहन की निर्धारित क्षमता के अनुरूप ही बच्चों को बैठाया जाए तथा ओवरलोडिंग किसी भी स्थिति में न होने पाए। छोटे बच्चों के आवागमन में आवश्यकतानुसार महिला/पुरुष सहायक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। वाहन चालकों का चरित्र सत्यापन, स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण कराया जाए तथा समय-समय पर अभिभावकों से वाहन चालक के व्यवहार, अनुशासन एवं सुरक्षित वाहन संचालन के संबंध में फीडबैक प्राप्त कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही की जाए।
आयुक्त ने निर्देशित किया कि सभी जनपदों में अनफिट अथवा अनधिकृत वाहनों वाले विद्यालयों की सूची तैयार कर “रेड लिस्ट” बनाई जाए तथा ऐसे विद्यालयों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए। स्कूली वाहनों में सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता एवं उनकी कार्यशीलता का भी सत्यापन कराया जाए। वाहन चालकों द्वारा नशे की स्थिति में वाहन संचालन, निर्धारित आयु सीमा पूर्ण कर चुके अत्यन्त खराब वाहनों अथवा सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने जिला विद्यालय यान सुरक्षा समितियों को सक्रिय करते हुए निर्देशित किया कि अभियान अवधि में विशेष बैठक आयोजित कर विद्यालयों में संचालित वाहनों एवं चालकों की सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाए। परिवहन एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय से अभियान का प्रभावी अनुश्रवण करें तथा की गई कार्यवाही की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करें। अन्त में आयुक्त अजीत कुमार ने कहा कि बच्चों का सुरक्षित विद्यालय आवागमन सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यालय प्रबंधन, वाहन संचालक, चालक एवं संबंधित विभागीय अधिकारी अपने दायित्वों का पूरी सजगता एवं उत्तरदायित्व के साथ निर्वहन करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जाएगी। अभियान का उद्देश्य केवल प्रवर्तन कार्यवाही करना नहीं, बल्कि प्रत्येक स्कूली बच्चे की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है।
Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट


