जनपद बांदा।
बांदा में अखिल भारतीय साहित्य परिषद के जिला अध्यक्ष राम प्रताप शुक्ल मानस किंकरजी की अध्यक्षता एवं अशोक कुमार त्रिपाठी जीतू एडवोकेट की संरक्षता में हिंदी दिवस, नूतन बाल समाज गणेश भवन शास्त्री नगर अलीगंज बांदा में मनाया गया। सर्वप्रथम गणेश जी की स्थापना प्रातः 11:00 बजे से पूजन हुआ जिसमे साहित्यकार उपस्थत रहे तत्पश्चात हिंदी दिवस मनाया गया जिसके मुख्य अतिथि केवल प्रसाद द्विवेदी एवं विशिष्ट अतिथि प्रभा निगम ने पुष्पान्जलि से गणेश आराधना सभी ने किया। सरस्वती वंदना गोपाल दास गुप्ता साथी नेकिया गोष्ठी का कुशल संचालन आरसी योगा ने किया। सर्व प्रथम काव्य पाठ डा० रमेश कुमार त्रिपाठी ने हिन्दी शुद्धता के साथ बोली एवं लिखी जानी चाहिये, केवल प्रसाद द्विवेदी- कितनी प्यारी कितनी मीठी हिंदी भाषा हमारी, प्रभा निगम -हिंदी में है हंसी हमारी हिंदी में अरमान हैं, रविकांत- सबसे प्यारी सबसे न्यारी, हिंदी है राष्ट्रभाषा हमारी, दयानंद सिंह- हम सब की भाषा है हिंदी भारत की परिभाषा है हिन्दी, रीता गुप्ता- हिंदी है माथे की बिंदी, हिन्दी है मर्यादा, राम प्रसाद वियोगी- अनगढे ख्वाब नजरों में आने लगे, गोपाल दास गुप्त साथी देह के नेह में तुम फंसे ही रहे, मन की सुंदरता को तुमने जाना नहीं, अमरपाल सिंह राजावत है। हे गज बदन विनायक मेरे एवं हिंदी महान है, पूजा त्रिवेदी- मेरा आधार है हिंदी मेरा अभिमान है हिंदी, राजेंद्र तिवारी स्वदेश- हे श्री गणेश सुन लो पुकार हे मूषक वाही विघ्न हरण हर लो मन के सारे विकार, आरसी योगा हिंदी है आज प्यारी भाषा शीघ्र बने यह राष्ट्र की भाषा। अखिलेश शुक्ल, मंदिर के पुजारी एवं सभापति सुशील कुमार तिवारी भी अपने विचार व्यक्त किये अंत में राम प्रताप शुक्ल अध्यक्ष अखिल भारतीय साहित्य परिषद ने काव्य पाठ करते हुए कहा हिन्दी, हिन्दू , हिन्दुस्तान हम है भारत मां की सन्तान, हिन्दी का हमें दिवस नहीं वर्ष मनाना है। उन्होंने कहा कि इस बार हिंदी दिवस में ऐसा संयोग पहली बार देखने को मिला है कि तीन-तीन त्यौहार एक साथ मनाये जा रहे हैं जिसमें हरतालिका महिलाओं ने मनाया एवं गणेश चतुर्थी हम सभी ने इसके बाद हिंदी दिवस भी गोष्ठी के साथ मनाया गया अध्यक्ष ने सभी उपस्थितजनों को अपना अमूल समय देकर के हिंदी दिवस मनाने के लिए उपस्थित होने का बहुत-बहुत आभार व्यक्त किया एवं प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम के समाप्ति की घोषणा की।
Crime 24 Hours / Mitesh Kumar


