फतेहपुर। विश्व शांति दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी के नेता डीपी यादव ने कहा कि पूरी दुनिया का कल्याण शांति के मार्ग पर चलकर ही संभव है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया के कई हिस्सों में अशांति और उथल-पुथल की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में आपसी एकता, भाईचारे, सद्भाव और अहिंसा को बढ़ावा देने के लिए विश्व शांति दिवस की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ गई है। हर वर्ष 21 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दुनिया के देशों और लोगों के बीच शांति, अहिंसा, आपसी सहयोग, एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करना है। वर्ष 2026 में विश्व शांति दिवस की थीम “शांति में निवेश : सभी के लिए, हर जगह, हर दिन” रखी गई है। इसका संदेश है कि स्थायी शांति के लिए मानव गरिमा, न्याय और सामूहिक सहयोग को मजबूत करना आवश्यक है। डीपी यादव ने कहा कि आज दुनिया के सामने अनेक चुनौतियां हैं। विभिन्न क्षेत्रों में संघर्ष और तनाव का असर आम जनजीवन पर पड़ रहा है। ऐसी परिस्थितियों में समाज और देशों के बीच संवाद तथा आपसी विश्वास को बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हिंसा किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। शांति, संवाद और आपसी सहयोग के माध्यम से ही समस्याओं का स्थायी समाधान खोजा जा सकता है। उन्होंने कहा कि विश्व शांति दिवस केवल एक दिवस मनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसके संदेश को आम जनजीवन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर शांति, सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देने का प्रयास करना चाहिए। बताया गया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 1981 में अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस मनाने का प्रस्ताव पारित किया था। वर्ष 2001 में 21 सितंबर को इसकी स्थायी तारीख घोषित की गई। इस दिन युद्ध और संघर्ष वाले क्षेत्रों में हिंसा रोकने तथा मानवीय सहायता पहुंचाने का संदेश भी दिया जाता है। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में ‘संयुक्त राष्ट्र शांति घंटी’ बजाकर दिवस की शुरुआत की जाती है। डीपी यादव ने कहा कि यदि पूरी मानवता के कल्याण की दिशा में आगे बढ़ना है तो शांति के मार्ग से बेहतर कोई रास्ता नहीं है। आपसी प्रेम, भाईचारे और सहयोग की भावना से ही विश्व में स्थायी शांति और खुशहाली स्थापित की जा सकती है।


