आपसी समन्वय, सतर्कता एवं बेहतर व्यवस्थाओं से मनाएं सावन का पावन पर्व : डीएम अमित आसेरी

जनपद बांदा।

जिलाधिकारी बांदा अमित आसेरी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में शांति समिति एवं पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ सावन माह के दौरान कानून-व्यवस्था, सुरक्षा एवं नागरिक सुविधाओं के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने सभी धर्मगुरुओं से संवाद स्थापित करते हुए कहा कि जनपद की सामाजिक सौहार्द हमारी सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने सभी से आपसी समन्वय एवं भाईचारे के साथ सावन के पावन पर्व को शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने का आग्रह किया।

बैठक में जिलाधिकारी द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश:

सभी धर्मगुरु एवं सामाजिक संगठन आपसी समन्वय एवं सौहार्द बनाए रखते हुए पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराएं। अपर पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि सावन माह के दौरान संवेदनशील स्थलों का लगातार निरीक्षण किया जाए तथा अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध तत्काल एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। डीजे की ध्वनि सीमा (फ्रीक्वेंसी/वॉल्यूम) शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप रखी जाए, जिससे हार्ट पेशेंट, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों एवं आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सभी उप जिलाधिकारी एवं लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी निर्धारित कांवड़ यात्रा मार्गों का संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार सांकेतिक एवं दिशा-सूचक बोर्ड तत्काल लगवाना सुनिश्चित करें। विद्युत विभाग को निर्देश दिए गए कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर ढीले एवं झूलते विद्युत तारों को तत्काल ठीक कराया जाए तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। सभी विभाग अपने-अपने दायित्वों का समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से निर्वहन करें तथा आपसी समन्वय बनाए रखें। यातायात व्यवस्था सुचारु रखने हेतु प्रमुख चौराहों एवं संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को निर्देशित किया गया कि कांवड़ यात्रा मार्गों एवं प्रमुख सड़कों पर निराश्रित गोवंश दिखाई न दें। यदि किसी निराश्रित गोवंश के कारण दुर्घटना होती है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। अपर पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि प्रमुख मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, उनकी सूची फ्लेक्स के माध्यम से प्रमुख मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों पर प्रदर्शित की जाए तथा संपूर्ण व्यवस्था की निगरानी हेतु वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया जाए। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने मोबाइल फोन हर समय सक्रिय रखें ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल संपर्क स्थापित किया जा सके।

सावन माह के दौरान खुले स्थानों पर मांस, मछली एवं मुर्गे की बिक्री न होने दी जाए। ऐसे प्रतिष्ठानों के लिए निर्धारित स्थान सुनिश्चित कर नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक तेज आवाज में डीजे बजाने वालों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में कठोर कार्रवाई की जाएगी। कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश परिवहन विभाग एवं एआरटीओ को दिए गए। पीडब्ल्यूडी विभाग को निर्देशित किया गया कि कालिंजर किला सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों एवं मुख्य चौराहों पर दूरी दर्शाने वाले दिशा-सूचक एवं सांकेतिक बोर्ड शीघ्र स्थापित कराए जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि सावन माह के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण करें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक, समस्त उप जिलाधिकारी, संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु एवं शांति समिति एवं पीस कमेटी के सदस्य उपस्थित रहे।

Crime 24 Hours / Mitesh Kumar