शासनादेशों को ठेंगा दिखाकर 12 वर्षों से जमे भ्रष्ट ग्राम पंचायत सचिव के निलंबन, स्थानांतरण एवं सीबीआई जांच की उठाई मांग

जनपद बांदा।

विश्व हिंदू महासंघ गौ रक्षा समिति के जिलाध्यक्ष महेश कुमार प्रजापति ने मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपकर अवगत कराया कि बड़ोखर विकास खंड में शासन और प्रशासन दोनों की नाक के नीचे भ्रष्टाचार का अड्डा चल रहा है। जिलाध्यक्ष महेश प्रजापति ने आरोप लगाते हुए ज्ञापन में बताया है कि मोहम्मद रफीक मंसूरी, ग्राम पंचायत सचिव, 12 वर्षों से बड़ोखर ब्लॉक में कुंडली मारकर बैठे हैं। 3 साल की रोटेशन नीति को इन्होंने जूते की नोक पर रख दिया है। सवाल है – इतना लंबा संरक्षण किसके इशारे पर मिल रहा है? उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के पास ग्राम पंचायत सचिव + ADO पंचायत + आधा दर्जन ग्राम पंचायतों का प्रभार, ये संभव नहीं है। निश्चित है कि फाइलों पर दस्तखत और कमीशन का खेल चल रहा है। विकास के नाम पर जनता को सिर्फ धोखा मिल रहा है।

जिलाध्यक्ष ने सांठगांठ और माफिया गठजोड़ का आरोप लगाए हुए बताया है कि 12 साल में इस अधिकारी ने पूरे ब्लॉक में अपनी “सेटिंग” फिट कर ली है। इसी कारण जिला स्तर पर शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती। क्या प्रशासन इस माफिया के सामने घुटने टेक चुका है? जिलाध्यक्ष ने यह भी कहा कि ग्रामीण विकास की योजनाएं कागजों में, जनता त्रस्त, और सरकारी धन की खुली लूट हो रही है। विश्व हिंदू महासंघ की गैर-समझौतावादी मांग की तहत मांग की है कि मोहम्मद रफीक मंसूरी को 24 घंटे के अंदर निलंबित कर बड़ोखर से बाहर किया जाए। उनके पास से तुरंत सभी पद छीने जाएं और नए अधिकारियों की तैनाती हो। 12 वर्षीय कार्यकाल की सीबीआई/विजिलेंस जांच पिछले 12 साल में हुए सभी विकास कार्यों, मनरेगा, आवास, पेंशन की फोरेंसिक जांच हो। दोषी पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हो।

जिलाध्यक्ष महेश ने मंडलायुक्त से अपेक्षा की है कि मंडल के सर्वोच्च अधिकारी होने के नाते इस मामले में हस्तक्षेप कर 15 दिन में जांच आख्या उपलब्ध कराएंगे। जिलाध्यक्ष द्वारा प्रमुख सचिव, पंचायती राज, लखनऊ, जिलाधिकारी बांदा, तथा मुख्य विकास अधिकारी बांदा को भी प्रतिलिप भेजी गई है। इस मौके में जिला अध्यक्ष अधिवक्ता प्रकोष्ठ दीपक शुक्ला, जिला मंत्री राहुल सिंह, रजनीश प्रजापति जिला प्रचार मंत्री मौजूद रहे।

Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट