सत्य की राह कठिन हो सकती है, लेकिन अंततः आत्मिक शांति देती है: पं. नन्हें भैया

जनपद बांदा।

बांदा में पर्युषण पर्व के पांचवें दिन जैन समाज द्वारा उत्तम सत्य धर्म की आराधना की गई। छोटी बाजार स्थित जैन चैत्यालय जी में बाल ब्रह्मचारी पंडित नन्हें भैया ने अपने प्रवचनों में उत्तम सत्य धर्म का महत्व बताते हुए कहा कि सत्य केवल बोलने का विषय नहीं, बल्कि मन, वचन और कर्म में सच्चाई रखने का नाम है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को परिस्थितियां कैसी भी हों, सत्य का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। स्वार्थ, भय या किसी लाभ के लिए झूठ का सहारा लेना आत्मा को कमजोर करता है। सत्य के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति विश्वास, आत्मिक शांति और सद्भाव प्राप्त करता है।

प्रवचन में उन्होंने राजा हरिश्चंद्र के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि राजा हरिश्चंद्र ने सत्य की रक्षा के लिए अपना राजपाट तक त्याग दिया। जीवन में कठिन परिस्थितियां आईं, परिवार से बिछड़ना पड़ा और अनेक कष्ट सहने पड़े, लेकिन उन्होंने सत्य का साथ नहीं छोड़ा। उन्होंने अपने वचन और सत्य के प्रति अपनी निष्ठा को सर्वोपरि रखा।

पंडित नन्हें भैया ने कहा कि राजा हरिश्चंद्र का जीवन हमें यह सीख देता है कि सत्य का मार्ग भले ही कठिन हो, लेकिन मनुष्य को परिस्थितियों के दबाव में अपना सत्य नहीं छोड़ना चाहिए। आज के जीवन में भी हमें झूठ, छल और कपट से दूर रहकर ईमानदारी एवं सत्य को अपने व्यवहार में उतारना चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि सत्य केवल प्रवचन सुनने तक सीमित न रहे, बल्कि हमारी वाणी, व्यवहार और कर्म में दिखाई दे। यही उत्तम सत्य धर्म की सच्ची आराधना है। प्रवचन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

Crime 24 Hours / Mitesh Kumar