शिकायतकर्ता भीम सिंह ने लगाए रजिस्टार उर्वा शक्ति पर एक लाख रिश्वत लेने के गंभीर आरोप
फतेहपुर खागा ::- रिश्वतखोरी का अड्डा बन चुके खागा सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में सोमवार को एंटी करप्शन टीम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई कर सबको हिला दिया। टीम ने कनिष्ठ सहायक राहुल कुमार बौद्ध को 1 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई के बाद से पूरे कार्यालय में सन्नाटा पसरा है और मुख्य आरोपी जिम्मेदार अधिकारी मौके से गायब.
70% हिस्सा बड़े साहब का -बाबू ने उगला सच
सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में राहुल ने बड़ा खुलासा किया। उसने बताया कि खागा रजिस्ट्री में होने वाली हर अवैध वसूली में 70% हिस्सा सीधे बड़े साहब के पास जाता था। बाकी 30% में बाबू और अन्य स्टाफ का हिस्सा होता था।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से साहब और बाबू की जोड़ी ने मिलकर रजिस्ट्री के नाम पर करोड़ों की अवैध वसूली कर ली है। बिना पैसे दिए कोई फाइल आगे नहीं बढ़ती थी.
ऐसे हुआ ट्रैप
मामला संग्रामपुर सानी, थाना खागा निवासी भीम सिंह पुत्र स्व. वैजनाथ सिंह की शिकायत से खुला भीम सिंह ने 8 अगस्त 2026 को एंटी करप्शन थाना प्रयागराज में शिकायत दी थी कि 17 जून 2026 को कराए गए बैनामे में झूठे तथ्य दिखाकर मुकदमा लिखाने की धमकी दी जा रही है। जान छुड़ाने के लिए राहुल अपने साहब के लिए 1 लाख रुपये मांग रहा था.
शिकायत मिलते ही 13 सदस्यीय एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया। सोमवार को जैसे ही राहुल ने भीम सिंह से रिश्वत की रकम ली, टीम ने उसे लोकसेवक साक्षियों के सामने दबोच लिया.
अब क्या होगा
एंटी करप्शन टीम ने बताया कि राहुल को जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही पूरे मामले की जांच की जा रही है पूछ ताछ में जानकारी मिली कि बाबू अपने अधिकारी के लिए अवैध वसूली करता था.
.गिरफ्तारी के बाद से खागा रजिस्ट्री कार्यालय में काम ठप है। कर्मचारियों में दहशत है.
सवाल ये है क्या सिर्फ बाबू की गिरफ्तारी से इतने बड़े भ्रष्टाचार का खेल रुकेगा? या उनके साहब की गिरफ्तारी के बाद ही असली खेल सामने आएगा


