जनपद बांदा।
सोमवार को जिलाधिकारी बांदा अमित आसेरी द्वारा केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधीन जनपद-बांदा में चल रही परियोजना का गहन समीक्षा की गयी। जनपद बांदा में केन-बेतवा लिंक परियोजना के नोडल अधिशासी अभियन्ता, केन बेतवा लिंक नहर निर्माण खण्ड-2, बांदा द्वारा अवगत कराया गया कि भारत सरकार, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश सरकार के मध्य परियोजना के क्रियान्वयन, जल बंटवारे, लागत साझेदारी तथा संस्थागत व्यवस्था के संबंध में सहमति ज्ञापन (MOA) दिनांक 22 मार्च 2021 को हस्ताक्षरित हुआ, जिसके अन्तर्गत केन-बेतवा लिंक परियोजना अथॉरिटी (KBLPA) द्वारा मध्य प्रदेश के जनपद पन्ना में दौधन बाँध का निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा लगभग 218.475 कि.मी. लम्बी केन-बेतवा लिंक नहर के निर्माण का कार्य प्रस्तावित है, जिसे मार्च, 2030 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। दौधन बाँध के निर्माण से मानसून के दौरान केन नदी में आने वाले अतिरिक्त (Surplus) पानी को इस बाँध में संग्रहित किया जाएगा। जहां से नियंत्रित करके आवश्यकता के अनुसार पूरे वर्ष पानी छोड़ा जाएगा। उत्तर प्रदेश को 1700 MCM (750 MCM गैर-मानसून + 950 MCM मानसून) जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी, जिसमें 66.77 MCM अतिरिक्त पेयजल भी उपलब्ध होगा।
उक्त जल की उपलब्धता से मध्य प्रदेश के जनपद पन्ना (तहसील अजयगढ़) स्थित बरियारपुर वियर से केन नहर प्रणाली (Ken Canal System) में प्रवाहित किया जाएगा, जिससे बाँदा की पूरी नहर प्रणाली को वर्षभर पर्याप्त जल मिलेगा और जनपद बाँदा सिंचाई क्षेत्र 87,784 हेक्टेयर से बढ़कर 1,66,975 हेक्टेयर तक हो जाएगा, जिससे तहसली नरैनी, अतर्रा, बबेरू, बाँदा सदर एवं पैलानी का क्षेत्र लाभान्वित होगा। केन नहर प्रणाली का निर्माण वर्ष 1906 में हुआ तथा वर्तमान में लगभग 120 वर्ष पुरानी सिंचाई प्रणाली है, जिसका कुल नहर नेटवर्क की लंबाई लगभग 1,060 किमी, जिसमें 01 मुख्य नहर, 02 शाखा नहरें, 13 रजबहा एवं 158 माइनर सम्मिलित हैं। वर्षों से नहर के सेक्शन, संरचनाएं क्षतिग्रस्त होकर जीर्णशीर्ण अवस्था में होने से, नहरों की क्षमता कम होने तथा टेल क्षेत्र तक पर्याप्त पानी न पहुँचने के कारण वर्तमान में केन नहर प्रणाली के पुनरोद्धार की परियोजना केन्द्रीय जल आयोग (CWC) द्वारा स्वीकृत एवं व्यय वित्त समिति, मा० मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन के उपरान्त प्रगति पर है, जिसे अप्रैल, 2025 से प्रारम्भ करके मार्च 2028 तक पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना में केन मुख्य नहर, अतर्रा शाखा एवं बाँदा शाखा व उनसे निकलने वाली रजबहों एवं माइनरों का 1060 कि.मी. लम्बाई में पुनरोद्धार, क्षतिग्रस्त रेगुलेटर, फॉल, पुल, ड्रेनेज क्रॉसिंग, एस्केप एवं साइफन का पुनर्निर्माण/सुदृढ़ीकरण, 101.75 किमी नहर में सीमेंट कंक्रीट (CC) लाइनिंग, चयनित स्थानों पर डाउनस्ट्रीम प्रोटेक्शन, ऊर्जा अपक्षय (Energy Dissipation) एवं सुरक्षा दीवारों का निर्माण कार्य आधुनिक संरचनाओं एवं नियंत्रित जल वितरण हेतु उन्नत हाइड्रोलिक डिज़ाइन अपनाया गया। परियोजना के समस्त निर्माण कार्य नहर संचालन के उपरान्त नहर बन्दी अवधि में चरणबद्ध रूप से किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना की अबतक भौतिक प्रगति 38% है।
बैठक में परियोजना के विभिन्न घटकों, जिनमें केन नहर प्रणाली का पुनरोद्धार, बरियारपुर पिकअप वीयर तथा प्रस्तावित बाँदा एवं पैलानी बैराज से संबंधित कार्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता एवं निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया कि सभी कार्यदायी संस्थाएं एवं संबंधित अधिकारी नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण करें तथा किसी भी प्रकार की तकनीकी अथवा प्रशासनिक बाधा का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि केन- बेतवा लिंक परियोजना जनपद बाँदा सहित सम्पूर्ण बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जनहितकारी परियोजना है, जिससे सिंचाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि तथा क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी, इसका क्रियान्वयन समयान्तर्गत करना सुनिश्चित करें। समीक्षा बैठक में अधिशासी अभियन्ता नलिन वर्धन, जितेन्द्र कुमार एवं अखिलेख कुमार एवं अन्य सहायक अभियन्ता उपस्थित रहे।
Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट


