2027 की जंग से पहले सपा को हाजी रजा जैसा मुस्लिम चेहरा तलाशने की चुनौती

प्रशासनिक शिकंजे के बाद खाली हुई राजनीतिक जगह भरने की कवायद तेज, मुस्लिम नेताओं में मंजरयार सहित कई नामों पर चर्चा।

फतेहपुर :’- वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने जनपद फतेहपुर में अपनी राजनीतिक रणनीति तेज कर दी है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रशासनिक कार्रवाई के बाद हाजी रजा की सक्रियता कम होने से पार्टी को अब एक ऐसे प्रभावशाली मुस्लिम नेता की तलाश है, जो संगठन को नई मजबूती देने के साथ मुस्लिम और हिंदू दोनों वर्गों में स्वीकार्यता रखता हो।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एक समय फतेहपुर भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता था, लेकिन वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने छह में से दो विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इसके बाद लोकसभा चुनाव में भी पार्टी ने भाजपा से संसदीय सीट छीनकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। वहीं फतेहपुर नगर पालिका चुनाव में भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा और समाजवादी पार्टी समर्थित उम्मीदवार राजकुमार मौर्य की जीत ने पार्टी की स्थिति को और मजबूत किया।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इन चुनावी सफलताओं में हाजी रजा की संगठनात्मक भूमिका और जनसंपर्क को अहम माना जाता रहा है। यही वजह है कि अब उनके विकल्प को लेकर पार्टी के भीतर मंथन तेज हो गया है।
समाजवादी पार्टी में पूर्व विधायक से लेकर कई मुस्लिम नेता सक्रिय हैं, लेकिन जिला स्तर पर व्यापक जनाधार और सभी वर्गों में प्रभाव रखने वाले चेहरे की कमी महसूस की जा रही है। पार्टी के कई नेता अपने-अपने क्षेत्रों तक सीमित प्रभाव रखते हैं, जबकि संगठन को ऐसे नेता की जरूरत है जो पूरे जिले में प्रभावी भूमिका निभा सके।

इसी बीच वर्तमान जिला महासचिव चौधरी मंजरयार का नाम भी चर्चा में है। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि उनकी पहचान मुस्लिम समाज के साथ-साथ हिंदू समाज में भी है। हालांकि, क्या वे हाजी रजा जैसी राजनीतिक पकड़ और प्रभाव स्थापित कर पाएंगे, इसे लेकर पार्टी के भीतर अलग-अलग राय बनी हुई है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि समाजवादी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव को पूरी ताकत के साथ लड़ने की तैयारी में है। ऐसे में संगठन को मजबूत करने और नए नेतृत्व को आगे लाने के लिए आने वाले समय में बड़े राजनीतिक फैसले लिए जा सकते हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट