जनपद बांदा।
रविवार 27 सितंबर 2026 को विश्व नदी दिवस के अवसर पर बुंदेलखंड की जीवनदायिनी माँ केन नदी को बचाने के लिए गंगा समग्र, कानपुर प्रांत, जिला बांदा के नेतृत्व में केन नदी किनारे (बांध के ऊपर, जहां निमनी नाला नदी में गिरता है) पर विशाल विरोध प्रदर्शन किया गया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से शहर के निमनी नाला और करिया नाले का जहरीला व गंदा पानी सीधे केन नदी में गिराया जा रहा है। इस गंदे पानी को रोकने के लिए करोड़ों की लागत से बने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट कागजों में तो बन गए लेकिन जमीन पर अधूरे और बंद पड़े हैं। कनवारा के पास बना STP प्लांट तैयार होने के बाद भी वर्षों से बंद है और उसके नाम पर हर साल लाखों रुपए निकाले जा रहे हैं। इस प्रदूषित पानी के कारण शहर के लोग बीमार हो रहे हैं। प्रदर्शन के पश्चात जिलाधिकारी को कड़े शब्दों में ज्ञापन सौंपकर तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की गई।
इस दौरान गंगा समग्र (कानपुर प्रांत) के जिला संयोजक बांदा महेश कुमार प्रजापति ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज विश्व नदी दिवस है लेकिन बड़ी शर्म की बात है कि हमारी माँ केन नदी आज नाला बनकर रह गई है। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन की लापरवाही से निमनी और करिया नाले का गटर का पानी सीधे नदी में जा रहा है। करोड़ों का STP प्लांट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। महेश प्रजापति ने आगाह किया कि अगर 7 दिन में नाले का पानी बंद नहीं हुआ और दोषियों पर FIR नहीं हुई तो गंगा समग्र पूरे बांदा को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना देगा।
प्रेम गुप्ता जिला अध्यक्ष, युवा व्यापार मंडल ने अपने उद्बोधन में कहा कि व्यापारी समाज भी आज बहुत परेशान है। गंदे पानी के कारण पूरा शहर बीमार हो रहा है। ग्राहक और व्यापारी दोनों इस प्रदूषण की चपेट में हैं। शासन ने व्यापारियों से टैक्स तो पूरा लिया लेकिन नदी को शुद्ध करने के नाम पर केवल घोटाला किया। युवा व्यापार मंडल गंगा समग्र के इस अभियान में कंधे से कंधा मिलाकर साथ है।
राकेश कुमार त्रिपाठी, जिला महामंत्री, गौ रक्षा समिति ने अपने उद्बोधन में कहा कि जहाँ गंदा पानी होगा, वहाँ गौ माता कैसे पानी पिएगी? केन नदी का यही पानी गौशालाओं और खेतों में जाता है। इस जहरीले पानी से गौवंश बीमार होकर मर रहे हैं। यह केवल नदी का नहीं, बल्कि गौ माता पर भी अत्याचार है, हम इसकी घोर निंदा करते हैं।”
जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेश कुमार धुरीया ने कहा कि कनवारा और निमनी नाले के नाम पर जो करोड़ों का घोटाला हुआ है, उसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। कागजों में पैसा निकल रहा है और जमीन पर नाला सीधा नदी में गिर रहा है। यह जनता के साथ धोखा है। प्रशासन को तत्काल प्लांट चालू कराना होगा।
गंगा समग्र (कानपुर प्रांत) जिला बांदा के पदाधिकारियों ने निम्न मांगें की हैं:-
1. निमनी और करिया नाले के पानी को तत्काल प्रभाव से केन नदी में गिरने से रोका जाए।
2. दोनों STP प्लांटों के अधूरे निर्माण और बंद पड़े रहने की जांच कराकर दोषी ठेकेदार व अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज हो।
3. जब तक प्लांट चालू न हो, वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता लोहा सिंह, रोहित, नंदकिशोर, अंकित, राजकुमार, विकास सिंह, सरवन सिंह विनय और आम नागरिक सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट


