कृषि उन्नति में युवा कृषि स्नातकों की महत्वपूर्ण भूमिका: सुधीर एम बोबड़े

जनपद बांदा।

बांदा कृषि विश्वविद्यालय के 12वे दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कर रहे विशेष कार्याधिकारी सुधीर एम बोबड़े ने सम्बोधन में कृषि उन्नति में विद्यार्थियों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि युवा कृषि स्नातक अपने ज्ञान एवं कौशल का उपयोग देश की कृषि तथा किसानों की प्रगति के लिए करें। उन्होंने कहा कि छोटे एवं सीमांत किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने में कृषि स्नातक ज्ञान सेतु की भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कृषि के विभिन्न आयामों में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की हैए जिसका श्रेय देश के करोड़ों किसानों एवं वैज्ञानिकों की प्रतिबद्धता को जाता है। बुंदेलखण्ड की कृषि चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवा शोधार्थियों से इन्हें समस्या के रूप में नहींए बल्कि नवाचार एवं अनुसंधान के व्यापक अवसरों के रूप में देखने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसल किस्मों के विकास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि देश के भविष्य को गढ़ने की क्षमता युवाओं में है। उन्होंने उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों से संस्थान की गरिमा एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को सर्वोपरि रखते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया।

विश्वविद्यालय की सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं रखरखाव पर जोर:

इससे पूर्व कुलाधिपति के निर्देश पर गठित समिति ने विश्वविद्यालय का भ्रमण कर यहां उपलब्ध सुविधाओंए व्यवस्थाओं एवं समस्याओं का निरीक्षण किया था। अपने संबोधन में सुधीर एमण् बोबड़े ने विश्वविद्यालय के भवनों एवं परिसर की सराहना करते हुए कहा कि इनकी सुंदरता एवं उपयोगिता बनाए रखने के लिए समय.समय पर समुचित रखरखाव आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से महिला छात्रावासों में वाई.फाई एवं वॉशिंग मशीन जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ताए स्वच्छता एवं समग्र रखरखाव को और बेहतर किए जाने की आवश्यकता बताईए ताकि विद्यार्थियों को बेहतर एवं सुविधाजनक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके।

Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट