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राहत इंदौरी ने लिखा था कि- “सभी का खून है शामिल यहाँ की मिट्टी में, किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है.

स्वतन्त्र विचार  राहत ने जिस दुर्भावना के साथ ये लिखा था,उसका माकूल और खूबसूरत जवाब “बेचैन मधुपुरी” जी ने दिया…