करवा चौथ पर शालिनी सिंह पटेल की अपील: नशा छोड़ें, एक रोटी कम खाएँ, लेकिन बच्चों को जरूर पढ़ाएँ

जनपद बांदा।

करवा चौथ के पावन पर्व पर जेडीयू उत्तर प्रदेश की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी बुंदेलखंड शालिनी सिंह पटेल ने समाज को जागरूक करने का संदेश देते हुए कहा कि आज के दिन पुरुषों और महिलाओं को संकल्प लेना चाहिए कि वे अपने परिवार की खुशहाली, बच्चों के बेहतर भविष्य और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए अपनी जिम्मेदारियाँ पूरी ईमानदारी से निभाएँगे। उन्होंने कहा कि करवा चौथ केवल व्रत, पूजा और श्रृंगार का पर्व नहीं है, बल्कि यह प्रेम, विश्वास, समर्पण और परिवार के प्रति जिम्मेदारी को समझने का अवसर भी है। इस दिन पुरुषों को संकल्प लेना चाहिए कि वे शराब, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहेंगे। नशा व्यक्ति की सेहत बर्बाद करने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति, बच्चों के भविष्य और पति-पत्नी के रिश्तों पर भी बुरा प्रभाव डालता है। नशे की लत के कारण कई परिवारों में आर्थिक संकट, घरेलू विवाद और बच्चों की शिक्षा में बाधाएँ उत्पन्न होती हैं। नशे पर पैसा बर्बाद करने के बजाय उसी पैसे को परिवार की जरूरतों, बच्चों की किताबों, स्कूल की फीस और बेहतर शिक्षा पर खर्च किया जाना चाहिए। शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि पुरुषों और महिलाओं, दोनों को यह संकल्प लेना चाहिए कि चाहे एक रोटी कम खानी पड़े, अपनी इच्छाओं और जरूरतों में कटौती करनी पड़े, लेकिन अपने बच्चों की पढ़ाई किसी भी परिस्थिति में नहीं रुकने देंगे। उन्होंने कहा कि एक रोटी कम खाकर बच्चों को पढ़ाना, नशे पर खर्च करने के बजाय उनकी शिक्षा में निवेश करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना ही माता-पिता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। आज भी अनेक परिवार आर्थिक तंगी के कारण बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दिला पाते। समाज को इस सोच में बदलाव लाना होगा। बेटा हो या बेटी, दोनों को समान अवसर और बेहतर शिक्षा मिलनी चाहिए। किसी भी बच्चे का भविष्य गरीबी, भेदभाव या माता-पिता की गलत आदतों के कारण अंधकारमय नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को भी समझना होगा कि आधुनिकता का अर्थ केवल फैशन, दिखावा और सोशल मीडिया तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि अपने परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदार बनना भी है। माता-पिता के संस्कार और व्यवहार बच्चों के जीवन को दिशा देते हैं। यदि घर के बड़े नशे से दूर रहेंगे, शिक्षा को प्राथमिकता देंगे और आपसी सम्मान के साथ जीवन जिएँगे, तो बच्चों को भी सकारात्मक प्रेरणा मिलेगी। करवा चौथ पर महिलाएँ अपने पति की लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना करती हैं। वहीं पुरुषों को भी अपने स्वास्थ्य की रक्षा करने, पत्नी का सम्मान करने और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने का संकल्प लेना चाहिए। सच्चा प्रेम केवल व्रत रखने में नहीं, बल्कि एक-दूसरे की जिंदगी को बेहतर बनाने और परिवार की जिम्मेदारियाँ निभाने में है। शालिनी सिंह पटेल ने सभी से अपील की कि इस करवा चौथ पर केवल पूजा-पाठ और परंपराओं तक सीमित न रहें, बल्कि नशामुक्त परिवार, बच्चों की शिक्षा, महिला सम्मान और स्वस्थ समाज के निर्माण का संकल्प लें। नशे से दूर रहें, फिजूलखर्ची रोकें और शिक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता बनाएँ। एक रोटी कम खाएँगे, लेकिन बच्चों को जरूर पढ़ाएँगे; नशे से दूर रहेंगे और अपने परिवार को खुशहाल बनाएँगे। यही करवा चौथ पर हमारा संकल्प होना चाहिए।

Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट