जनपद बांदा।
बाँदा में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ बुधवार को मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा लखनऊ से किया गया। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण कलेक्ट्रेट सभागार, बाँदा में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी न्यायिक माया शंकर यादव द्वारा की गई। इस अवसर पर जनपद के बड़ी संख्या में किसानों ने प्रतिभाग कर मुख्यमंत्री के संबोधन एवं योजना के शुभारंभ कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित किसानों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले किसानों में मूलचंद, बड़ोखर खुर्द; फूला शंकर, बबेरू; चुन्नू, बबेरू; वीरेंद्र कुमार, महुआ; छोटा, रंगौली भटपुरा, नरैनी; राजेंद्र सिपाही लाल, गाजीपुर तथा दिलवर प्रसाद, तिंदवारी सहित अन्य कृषक शामिल रहे।
लघु एवं सीमांत किसानों की आर्थिक उन्नति पर विशेष जोर:
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का उद्देश्य विशेष रूप से लघु एवं सीमांत कृषकों को दीर्घकालीन कृषि एवं कृषि आधारित गतिविधियों से जोड़ते हुए उनकी आय एवं आर्थिक स्थिति में सुधार तथा सर्वांगीण उन्नति में सहयोग प्रदान करना है। योजना के माध्यम से किसानों को कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक अवसर एवं सहयोग उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया जा रहा है। कार्यक्रम में सहकारिता एवं कृषि विभाग से जुड़े अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों ने भी प्रतिभाग किया। इस अवसर पर प्रदीप सिंह, उप आयुक्त एवं उप निबंधक सहकारिता, चित्रकूट धाम मंडल बाँदा; अंसल कुमार, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, बाँदा; अभय यादव, उप निदेशक कृषि; संजय कुमार, जिला कृषि अधिकारी, बाँदा; संदीप तिवारी, सचिव/मुख्य कार्यपालक अधिकारी, जिला सहकारी बैंक बाँदा; अजय प्रताप सिंह, बैंक डायरेक्टर एवं ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि तिंदवारी; चक्रपाणि अवस्थी, बैंक डायरेक्टर; उदित नारायण द्विवेदी, अध्यक्ष, क्रय-विक्रय सहकारी समिति अतर्रा; दीनदयाल द्विवेदी, अध्यक्ष, बी-पैक्स बाँदा; महेश कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक, उत्तर प्रदेश भूमि विकास बैंक लिमिटेड, चित्रकूट धाम मंडल बाँदा तथा पंकज गर्ग, वरिष्ठ प्रबंधक, उ.प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक, बाँदा सहित अन्य अधिकारी, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में किसानों ने मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के शुभारंभ को कृषक हित में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कृषि एवं कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में इसे उपयोगी बताया। उत्तर प्रदेश के छोटे व सीमांत किसानों के लिये खेती किसानी एवं अन्य योजनाओं हेतु छः लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण 6 प्रतिशत की सालाना ब्याज दर पर दिया जा रहा है। समय से ऋण की किस्त अदायगी पर 5 प्रतिशत ब्याज का अनुदान राज्य सरकार वहन करेगी। इस योजना का लक्ष्य किसानों को खेती एवं अन्य दूसरी कृषि/अकृषि गतिविधियों में लम्बी अवधि के लिये आसान वित्तीय मदद देना है। रियायती दर पर ऋण मिलने से किसानों को पूंजी निवेश में मदद मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। यह ऋण उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लि० के माध्यम से दिया जायेगा। ऋण की अदायगी ईएमआई की आसान किस्तों पर होगी तथा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी एवं सुगम ऋण स्वीकृत प्रक्रिया अपनाई गई है। साथ ही प्रदेश की समूची शाखाओं की ब्रांडिंग एवं आधुनिकीकरण का कार्य किया जा रहा है।
गत 03 वर्षों में जनपद की तीनों शाखाओं ने मिलकर बैंक व्यवसाय में लगातार वृद्धि करते हुए 756 कृषकों को लाभान्वित कर अद्यतन रु0 572.88 लाख का ऋण वितरण किया गया है। कृषि योग्य भूमि के साथ-साथ अचल सम्पत्तियों को बंधक करके ऋण सुविधा प्रदान करने की नयी व्यवस्था लागू की गई है। कृषक महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी एवं सशक्त बनाने के उद्देश्य से 1 प्रतिशत की ब्याज दरों में विशेष छूट की सुविधा लागू की गई है।
NBCFDC एवं NSFDC की योजना के अन्तर्गत शिक्षा एवं अन्य रोजगारपरक व आय अर्जक क्रिया कलापों हेतु पात्र अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जाति वर्ग के परिवारों को 3.50 प्रति0 से 6.00 प्रति0 निम्न दर की ब्याज दरों पर ऋण प्रदान करने का कार्य आरम्भ किया गया है। एक मुश्त समाधान योजना के अन्तर्गत (अप्रैल 2018 से सितम्बर 2022 तक) विभिन्न चरणों में कुल 431 लाभार्थियों को लाभान्वित करते हुए बैंक के स्वयं के संसाधनों से रु0 167.84 लाख की ब्याज में छूट प्रदान की गई है।
Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट


