
जनपद बांदा।
जिलाधिकारी बांदा अमित आसेरी द्वारा गवाईन नदी पुनर्जीवन अभियान का भूमि पूजन कर शुभारंभ किया गया। बुंदेलखंड की जल चुनौतियों के समाधान की दिशा में दूरदर्शी पहल। विकास खंड बड़ोखर खुर्द की ग्राम पंचायतों — चिलेहटा, त्रिवेणी, मोहन पुरवा, गोयरा मुगली, दुरेंदी, करछा, एतवा लोहरा, मटौंध व चमराहा में पुनरोद्धार कार्य प्रगतिशील। वैज्ञानिक पद्धति से गाद निकासी, गहरीकरण एवं चौड़ीकरण — नदी में लगभग 12 से 32 मीटर चौड़ाई तथा 1.30 से 2.00 मीटर तक गहरीकरण प्रस्तावित। खनन विभाग, लघु सिंचाई विभाग एवं ग्राम पंचायतों के समन्वय से जनसहभागिता मॉडल के अंतर्गत कार्य संपादित। नदी पुनरोद्धार से होने वाले प्रमुख लाभ और जल संचयन में वृद्धि — वर्षा जल का अधिक मात्रा में संचयन एवं दीर्घ अवधि तक जल उपलब्धता। भूजल स्तर में सुधार — आसपास के गांवों के हैंडपंप, कुएं एवं नलकूपों के जल स्तर में वृद्धि। कृषि को बढ़ावा — सिंचाई हेतु पर्याप्त जल से फसल उत्पादन एवं फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन तथा किसानों की आय में वृद्धि। पशुपालन एवं डेयरी को सुदृढ़ता — पर्याप्त जल उपलब्धता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती। पर्यावरण संरक्षण — स्थानीय वनस्पतियों एवं जीव-जंतुओं हेतु अनुकूल वातावरण, जैव विविधता को बढ़ावा एवं हरित पट्टी का विकास। रोजगार सृजन की संभावनाएं — भविष्य में मत्स्य पालन, पारिस्थितिक पर्यटन तथा स्थानीय रोजगार के नए अवसर। जल ही जीवन है — नदियाँ हैं क्षेत्र की जीवन रेखा। आइए, जल संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझें और आने वाली पीढ़ियों हेतु सुरक्षित जल भविष्य सुनिश्चित करें।
Crime 24 Hours/Pushpendra Raikwar


