बड़ागांव में रखे गये 66 बाढ़ राहत किट के मामले में लेखपाल पर एफआईआर दर्ज , जांच शुरू।

 

मनियर/बलिया। मनियर थाना क्षेत्र के बड़ागांव में एक निजी मकान में बृहस्पतिवार को बाढ़ राहत सामग्री की 66 किट रखे जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। ग्रामीणों की सूचना पर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी। अब इस मामले में बलिया कोतवाली में लेखपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है
एफआईआर के अनुसार, 17 सितंबर को सूचना मिली थी कि बाढ़ प्रभावित लोगों को वितरण के लिए दी गई राहत किटों में से 66 किट बड़ागांव स्थित एक निजी मकान में रखी गई हैं। तहसील प्रशासन की ओर से मौके का निरीक्षण किया गया, जहां एक कमरे में 66 राहत किट रखी मिलीं।

मामले में राजस्व निरीक्षक राम प्यारे मौर्या की शिकायत पर लेखपाल शिव वर्मा, क्षेत्र बजरहां, बांसडीह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर में आरोप है कि लेखपाल को अपने क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित लोगों में वितरण के लिए राहत किट दी गई थीं, लेकिन ये किट उनके क्षेत्र से बाहर बड़ागांव में एक निजी व्यक्ति के मकान में रखी गईं।

इससे पहले राहत सामग्री को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई थी। ग्रामीणों ने सवाल उठाया था कि बांसडीह तहसील के मनियर थाना क्षेत्र के बड़ागांव में राहत सामग्री किस उद्देश्य से लाई गई। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जांच की और बताया गया कि विश्वकर्मा जयंती के कारण वाहनों को खाली कराने के उद्देश्य से सामग्री को अस्थायी रूप से वहां रखा गया था। इस स्पष्टीकरण के बाद भी ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग की थी।

एफआईआर में मामले की विवेचना उपनिरीक्षक अरुण कुमार सिंह को सौंपी गई है।

मामले में आगे की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि राहत किट निजी मकान में किन परिस्थितियों में रखी गईं और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।