जनपद बांदा।
मंगलवार 21 जुलाई, 2026 को आयुक्त चित्रकूटधाम मण्डल बाँदा अजीत कुमार द्वारा जनपद बाँदा स्थित अटल आवासीय विद्यालय, अछरौड़ का औचक निरीक्षण कर विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक, आवासीय एवं आधारभूत व्यवस्थाओं का गहनता से निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर साफ-सुथरा पाया गया। पेयजल की समुचित व्यवस्था, आगन्तुकों के बैठने की व्यवस्था तथा परिसर में स्थापित सी०सी०टी०वी० कैमरे क्रियाशील पाए गए। आयुक्त ने विद्यालय परिसर में स्वच्छ एवं अनुशासित वातावरण बनाए रखने पर संतोष व्यक्त किया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त महोदय स्वयं कक्षा-6, 9, 10 एवं 11 में पहुंचे तथा छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद कर शिक्षण व्यवस्था, अध्यापकों की उपलब्धता, भोजन, छात्रावास एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने बताया कि अध्यापक नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य कराते हैं तथा उन्हें निर्धारित मीनू के अनुसार समय पर भोजन उपलब्ध कराया जाता है। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि अध्यापक आधुनिक शिक्षण पद्धति अपनाते हुए स्मार्ट बोर्ड/इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड एवं प्रोजेक्टर का प्रभावी उपयोग कर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। विद्यार्थियों के पास पाठ्यपुस्तकें, कॉपियाँ, निर्धारित ड्रेस, जूते, मोजे एवं अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध पाई गई। शिक्षण कार्य की समग्र गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। तदोपरान्त आयुक्त द्वारा उप श्रमायुक्त, चित्रकूटधाम मण्डल, बाँदा, प्रधानाचार्य, अटल आवासीय विद्यालय, अछरौड़ एवं समस्त शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की गई। बैठक में उन्होंने निर्देशित किया कि विद्यालय परिसर, छात्रावास, भोजनालय, रसोईघर, शौचालय एवं समस्त परिसर की प्रतिदिन साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए तथा प्रत्येक छात्र-छात्रा को निर्धारित मीनू के अनुसार पौष्टिक, गुणवत्तायुक्त एवं स्वच्छ भोजन समय से उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों को केवल आर०ओ० अथवा उबला हुआ सुरक्षित पेयजल ही उपलब्ध कराया जाए तथा पेयजल की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच कराई जाती रहे। आयुक्त ने कहा कि अटल आवासीय विद्यालय में अध्ययनरत अधिकांश छात्र-छात्राएं श्रमिक परिवारों से आते हैं। ऐसे में विद्यालय केवल शिक्षा प्रदान करने का केंद्र नहीं, बल्कि उनके सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास का माध्यम भी है। उन्होंने निर्देशित किया कि बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन, नैतिक मूल्यों, संस्कार, व्यक्तित्व विकास, स्वच्छ रहन-सहन, मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य तथा आत्मविश्वास के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि वे भविष्य में समाज एवं राष्ट्र के जिम्मेदार नागरिक बन सकें। उन्होंने छात्रावास की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। छात्रावास में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, रात्रिकालीन सुरक्षा, नियमित उपस्थिति, स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं हर समय उपलब्ध रहें। किसी भी छात्र के अस्वस्थ होने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर बिना विलम्ब उच्च चिकित्सालय भेजा जाए। आयुक्त ने वर्षा ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलजनित एवं संचारी रोगों की रोकथाम हेतु परिसर में जलभराव न होने दिया जाए, नियमित साफ- सफाई कराई जाए, मच्छरों की रोकथाम हेतु आवश्यक उपाय किए जाएं तथा बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता एवं सुरक्षित पेयजल के उपयोग के प्रति निरंतर जागरूक किया जाए। साथ ही विद्यालय परिसर में अधिकाधिक पौधरोपण एवं उनके संरक्षण के माध्यम से स्वच्छ एवं हरित वातावरण विकसित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में आयुक्त ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था का विशेष रूप से परीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अग्निशमन यंत्रों (Fire Extinguishers) का नियमित परीक्षण कराया जाए तथा किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी पाए जाने पर तत्काल उन्हें दुरुस्त कराया जाए। इसके अतिरिक्त विद्युत व्यवस्था, सी०सी०टी०वी० प्रणाली, आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन निकास व्यवस्था को भी सदैव क्रियाशील रखा जाए, जिससे किसी भी आकस्मिक स्थिति में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। आयुक्त ने रसोईघर एवं मेस की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि भोजन तैयार करने वाले समस्त कार्मिकों की व्यक्तिगत स्वच्छता, कार्यप्रणाली एवं खाद्य सुरक्षा मानकों का नियमित निरीक्षण किया जाए। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, भण्डारण व्यवस्था एवं भोजन तैयार करने की प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप हो तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। बैठक के अंत में आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालय से संबंधित सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता, संवेदनशीलता एवं सजगता के साथ निर्वहन करें। विद्यालय में किसी भी प्रकार की समस्या, अप्रिय घटना अथवा विशेष परिस्थिति उत्पन्न होने पर उसकी सूचना तत्काल लिखित एवं दूरभाष दोनों माध्यमों से उन्हें उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय रहते आवश्यक निर्णय एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा इस संबंध में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जाएगी।
Crime 24 Hours / Mitesh Kumar


