खागा फतेहपुर । मॉडल बार एसोसिएशन, तहसील खागा ने प्रदेश में वकीलों के उत्पीडऩ, उनके संवैधानिक अधिकारों के हनन और लोकतांत्रिक आवाज़ को कुचलने के प्रयासों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कानपुर बार व जिला बार एसोसिएशन के आह्वान पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह एडवोकेट और महामंत्री मलखान सिंह यादव एडवोकेट के संयुक्त नेतृत्व में महामहिम राज्यपाल, उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ को उपजिलाधिकारी खागा की ग़ैर मौजूदगी में तहसीलदार पीयूष कुमार के माध्यम से एक तीखा और मांग-युक्त ज्ञापन भेजा गया है।
ज्ञापन के माध्यम से बार एसोसिएशन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि प्रदेश के अधिवक्ताओं के ऊपर दर्ज मुकदमों की सुनवाई अन्य (गैर) जनपदों में कराया जाना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण और गैर-न्यासंगत है। इसके साथ ही, प्रदेश के समस्त बार संघों और अधिवक्ताओं से हड़ताल न करने की जबरन ‘अंडरटेकिंग’ (मुचलका या शपथ पत्र) मांगा जाना उनके विधिक और संवैधानिक अधिकारों का सीधा हनन है। इस मनमाने रवैये को लेकर अधिवक्ताओं में भारी रोष व्याप्त है।
एसोसिएशन की प्रमुख माँगे:
मॉडल बार एसोसिएशन खागा ने प्रशासन और शासन के समक्ष निम्नलिखित पाँच सूत्रीय और ठोस माँगे रखी हैं:
मूल जिलों में हो सुनवाई: प्रदेश के अधिवक्ताओं के विरुद्ध दर्ज मुकदमों की सुनवाई अन्य जनपदों में न कराकर उनके अपने ही गृह जिलों में सुनिश्चित की जाए।
अंडरटेकिंग पर रोक: अधिवक्ताओं एवं बार एसोसिएशनों से हड़ताल न करने की जबरन अंडरटेकिंग माँगे जाने की प्रक्रिया का पुरजोर विरोध किया जाता है, इसे तुरंत बंद किया जाए।
सुरक्षा अधिनियम लागू हो: प्रदेश के वकीलों की सुरक्षा को अमलीजामा पहनाने के लिए ‘अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम’ तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
दमनकारी नीतियां बंद हों: विभिन्न संस्थाओं द्वारा अधिवक्ताओं की स्वतंत्रता और उनकी सुरक्षा को कुचलने के सभी कुत्सित प्रयासों को तुरंत रोका जाना चाहिए।
जसवंत सिंह आयोग रिपोर्ट: वकीलों के हितों से जुड़ी लंबे समय से लंबित ‘जसवंत सिंह आयोग’ की रिपोर्ट को बिना किसी विलंब के तुरंत लागू कराया जाए।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
बार एसोसिएशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अधिवक्ताओं के अधिकारों का दमन और उत्पीड़न जल्द बंद नहीं किया गया, तो खागा का अधिवक्ता समाज सड़कों पर उतरकर व्यापक और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान खागा बार के तमाम पदाधिकारी और अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
इस मौके पर अधिवक्तागणों में रामसखा द्रिवेदी , अरविन्द पांडेय , श्याम कुमार गुप्ता, सूर्य प्रकाश सिंह , अशोक श्रीवास्तव , राजेश द्रिवेदी, जितेंद्र द्रिवेदी, राजेश तिवारी , कृष्ण कुमार, विवेक पाठक, राजा राजेंद्र सिंह, बलवंत सिंह , आशुतोष पांडे , कृष्णकांत त्रिवेदी , अंशुमान शुक्ला धर्मेंद्र सिंह, इंदल सिंह , आनंद मोहन त्रिपाठी, शालू अग्रहरि, सुमन ,महेश सिंह , अरुण, अनूप कौशल , दुर्गेश अवस्थी, अखिलेश अग्रहरि हरिओम, संदीप श्रीवास्तव, महेंद्र राज सिंह, बृजेश शुक्ला , राहुल तिवारी , लक्ष्मीकांत अवस्थी , अंकित , धीरेंद्र , जितेंद्र राज योगेंद्र, योगेश त्रिपाठी, अतुल मिश्रा ,श्याम कुमार गुप्ता पंकज एडवोकेट,राजा राजेंद्र सिंह एडवोकेट , ब्रजेश शुक्ला एडवोकेट, बलवंत सिंह एडवोकेट, यूसुफ सिद्दीकी एडवोकेट, इंद्रेश पांडे एडवोकेट,सुशील नारायण शुक्ला एडवोकेट, सुरेंद्र सिंह एडवोकेट,कृष्णाकांत त्रिवेदी, अखिलेश आदि सैकड़ो अधिवक्ता मौजूद रहे ।


