फतेहपुर खागा ::- आदर्श नगर पंचायत खागा, फतेहपुर की अधिशासी अधिकारी श्रीमती देवहूती पाण्डेय जी द्वारा खागा नगर स्थित पक्का तालाब में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के निर्माण हेतु प्रस्तावित भूमि का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस परियोजना के माध्यम से नगर में सीवेज के वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।

इस विषय पर देवहुति पाण्डेय अधिशाषी अधिकारी खागा से बातचीत की गईं तो उन्होंने बताया की सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) एक ऐसा संयंत्र है जो घरों, कार्यालयों और उद्योगों से निकलने वाले गंदे पानी (सीवेज) को साफ करता है।
यह पानी से हानिकारक रसायनों, ठोस कचरे और बैक्टीरिया को बाहर निकालता है, जिससे इसे पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना नदियों में छोड़ा जा सके या बागवानी आदि के लिए दोबारा उपयोग किया जा सके।
गंदे पानी को उपचारित (Clean) करने की प्रक्रिया में मुख्य रूप से चार चरण होते हैं:
प्राथमिक उपचार (Primary Treatment): इसमें बड़े टुकड़ों, पॉलीथीन और भारी कचरे को जाली (Screens) के माध्यम से छानकर अलग किया जाता है
इसके बाद पानी को टैंकों में रखकर ठोस पदार्थों को नीचे बैठने दिया जाता हैँ।
द्वितीयक उपचार (Secondary Treatment): यह सबसे महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रिया है, जहाँ बैक्टीरिया और सूक्ष्मजीवों की मदद से पानी में मौजूद घुले हुए कार्बनिक कचरे को नष्ट किया जाता है।
तृतीयक उपचार (Tertiary Treatment): यह पानी को बिल्कुल शुद्ध बनाने का अंतिम चरण है।
इसमें रासायनिक या UV (अल्ट्रावायलेट) किरणों द्वारा कीटाणुओं को मारा जाता है।
स्लज उपचार (Sludge Treatment): उपचार के दौरान जो गाद या ठोस कचरा (Sludge) बचता है, उसे अलग करके सुखाया जाता है।
STP(सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के लाभ
नदियों और तालाबों को प्रदूषण से बचाता है।
भूजल की गुणवत्ता सुरक्षित रहती है।
उपचारित जल का पुनः उपयोग किया जा सकता है।
दुर्गंध और बीमारियाँ कम होती हैं।
स्वच्छ सर्वेक्षण एवं पर्यावरणीय मानकों का पालन करने में सहायता मिलती है।
ब्यूरो रिपोर्ट


