अयोध्या वाटिका में श्री हरि कथा अमृत का हुवा भव्य शुभारम्भ

 

फतेहपुर खागा ::- दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा चल रही तीन दिवसीय श्री हरि कथा अयोध्या वाटिका मैरिज हाल खागा में प्रथम दिवस कथा वाचक गुरुदेव सर्व श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य स्वामी श्री दिव्ययेश्वरानंद जी ने मानव तन के ऊपर संगत को बताते हैं की जीव 84 लाख योनियों का चक्कर काटते हुए प्रभु की कृपा से बड़े भाग्य से मनुष्य का तन पाता है श्रीरामचरितमानस में गोस्वामी जी कहते हैं

बड़े भाग मानुष तनु पावा। सुर दुर्लभ सब ग्रंथन्हि गावा॥    साधन धाम मोच्छ कर द्वारा। पाइ न जेहिं परलोक सँवारा॥

सभी ग्रंथों ने यह माना है कि यह मनुष्य शरीर बहुत बड़े भाग्य से मिलता है और यह देवताओं के लिए भी दुर्लभ हैं ,यह शरीर ईश्वर-प्राप्ति के साधनों का घर और मोक्ष का द्वार है इसे पाकर भी जिसने अपना परलोक (अर्थात मोक्ष/जीवन का उद्धार) नहीं संवारा, वह पछताता स्वामी जी कथा में बताते हैं कि
संत सहजोबाई जी कहती हैं “तुम हो कौन कहां से आए कहां है निज घर तेरा किस कारण तुम भरमात डोलो तन तज कहां बसेरा” हे जीव तुम कौन हो कहां से आए हो तुम्हारा निज घर कहां है निज घर कौन सा है और तन छूट जाने के बाद तुम कहां जाओगे और स्वामी जी कहते जीव को प्रभु के धाम जाना है परंतु मायारूपी संसार में आ कर सब भूल जाता हैं , जीव को पूर्ण सतगुरु के शरण में जाकर उस परमात्मा का दर्शन गुरुदेव की कृपा से होगा और प्रभु भक्ति प्रदान करेंगे, मनुष्य को प्रभु की भक्ति करके हुए जीवन को सफल कर सकते हैं | संस्थान प्रयागराज शाखा के के संयोजक स्वामी विश्वनाथानंद जी के कथा के अंत में संबोधन किया ये कथा 8 अक्टूबर तक चलेगी जिसका समय सायं 3 बजे से सायं 6 बजे तक हैं | कथा का शुभारंभ मंगल शोभा यात्रा के साथ हुआ जिसका शुभारंभ श्री मति गीता सिंह ( नगर पंचायत अध्यक्ष खागा) के द्वारा हुआ एवं श्री हरि कथा का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित करके हुआ जिसमें अतिथि श्री अभिषेक भार्गव जी , श्री अविनाशचंद द्विवेदी,पप्पू द्विवेदी, अनुराज द्विवेदी, श्री अंकित चौहान जी प्रबंधन आर एन पब्लिक स्कूल खागा, श्री झब्बु सिंह , श्री रवि विश्वकर्मा,श्री छत्र पाल मौर्य की गरिमामय उपस्थिति रही |