जनपद बांदा।
सावन के द्वितीय सोमवार पर बांदा में शिवभक्ति की अद्भुत तस्वीर देखने को मिली। भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में कांवड़िए चित्रकूट पहुंचे और रामघाट स्थित मां मंदाकिनी नदी से पवित्र जल कांवड़ में भरकर पैदल बांदा की ओर रवाना हुए। कांवड़िए पूरी श्रद्धा और धार्मिक शुद्धता के साथ अपनी यात्रा पूरी करते हुए बांदा पहुंचे। यात्रा के दौरान कांवड़ को किसी के स्पर्श से बचाने का विशेष ध्यान रखा गया। रास्तेभर शिवभक्तों के कदम आगे बढ़ते रहे और वातावरण हर-हर महादेव, बम-बम भोले के जयकारों से गूंजता रहा। बांदा पहुंचने के बाद कांवड़िए बाम्बेश्वर पहाड़ स्थित भगवान शिव के मंदिर पहुंचे, जहां चित्रकूट की मंदाकिनी से लाए गए पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और विधि-विधान से पूजा- अर्चना की। कांवड़ यात्रा के रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने शिवभक्तों का स्वागत किया। कहीं पुष्प वर्षा की गई तो कहीं कांवड़ियों के लिए जलपान और सेवा की व्यवस्था की गई। कांवड़ियों के स्वागत में उमड़े लोगों से पूरा मार्ग भक्तिमय नजर आया। सावन के सोमवार पर कांवड़ियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा को लेकर प्रशासन की ओर से भी व्यवस्थाएं की गई हैं। कांवड़ यात्रा को देखते हुए चित्रकूट-बांदा मार्ग पर यातायात व्यवस्था में बदलाव और भारी वाहनों के आवागमन पर रोक जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं। चित्रकूट की मंदाकिनी से शुरू हुई यह आस्था की यात्रा बांदा के बाम्बेश्वर पहाड़ पर भगवान शिव के जलाभिषेक के साथ पूरी हुई।
Crime 24 Hours / Mitesh Kumar


