जनपद बांदा।
जिला वृक्षारोपण समिति, जिला पर्यावरण समिति एवं जिला गंगा समिति की संयुक्त बैठक जिलाधिकारी बांदा अमित आसेरी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक में वृक्षारोपण, पौधों की सुरक्षा एवं सिंचाई, पौधों की जीवितता के सत्यापन, जैविक खेती तथा पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कार्यों की विभागवार समीक्षा की गई।
पौधों की सुरक्षा एवं सिंचाई पर विशेष जोर:-
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों द्वारा रोपित पौधों की नियमित सुरक्षा एवं समय से सिंचाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक पौधे जीवित रहकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकें।
वृक्षारोपण के परिणामों पर फोकस:-
विभागवार वृक्षारोपण लक्ष्य के सापेक्ष लगाए गए पौधों की संख्या तथा वर्तमान में कितने पौधे जीवित हैं, इसकी विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वृक्षारोपण का वास्तविक उद्देश्य पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा एवं जीवितता सुनिश्चित करना है।
वृक्षारोपण सत्यापन की समीक्षा:-
जिन विभागों द्वारा वृक्षारोपण का 100 प्रतिशत सत्यापन पूर्ण दर्शाया गया है, उनका विभागवार एवं साइटवार विवरण प्राप्त कर सत्यापन में जीवित पौधों की अनुपातिक संख्या का परीक्षण करने के निर्देश दिए गए।
साइटवार सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश:-
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि वृक्षारोपण स्थलों का सत्यापन वास्तविक स्थिति के आधार पर किया जाए तथा प्रत्येक विभाग द्वारा रोपित पौधों की स्थिति का स्पष्ट एवं प्रमाणिक विवरण उपलब्ध कराया जाए।
जैविक खेती को बढ़ावा:-
बैठक में जैविक खेती की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जैविक कृषि क्षेत्रों को बढ़ावा देने तथा निर्धारित क्षेत्र में रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को नियंत्रित करने की दिशा में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पर्यावरण संरक्षण के लिए समन्वित प्रयास:-
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को वृक्षारोपण, पौध संरक्षण, जैविक खेती एवं जल संरक्षण से जुड़े कार्यों में आपसी समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पांडेय, प्रभागीय वनाधिकारी पंकज शुक्ला सहित संबंधित जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट


