सीमांकन पूरा बताए जाने के आरोपों से घिरा चकबंदी विभाग, भूख हड़ताल तिसरे दिन भी जारी; किसानों की चेतावनी- अब आर-पार की लड़ाई

जनपद बांदा।

बांदा में किसानों ने दोहराया कि जब तक सीमांकन निरस्त नहीं किया जाता, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच नहीं कराई जाती तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन लगातार तेज किया जाएगा। सीमांकन निरस्त करने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तिसरे दिन भी भूख हड़ताल के रूप में जारी रहा। धरना स्थल पर किसानों ने चकबंदी विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि विभाग ने बिना सीमांकन कार्य पूर्ण किए ही मई माह में शासन-प्रशासन को सीमांकन पूरा होने की सूचना भेज दी है। किसान नेताओं का कहना है कि यदि बिना सीमांकन कार्य पूरा किए उसे अभिलेखों में पूर्ण दर्शाकर शासन को रिपोर्ट भेजी गई है तो यह सरकारी अभिलेखों में भ्रामक सूचना दर्ज कराने जैसा गंभीर और दंडनीय कृत्य है। आंदोलन के बढ़ते दबाव से विभाग पूरी तरह असहज दिखाई दे रहा है और अब जवाबदेही से बच निकलना आसान नहीं होगा। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि चकबंदी विभाग बांदा जनपद को प्रदेश में प्रथम स्थान दिलाने की होड़ में बिना कार्य पूर्ण किए ही कागजी प्रगति दर्शाकर शासन को गलत सूचना भेज रहा है। यदि इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है।

Crime 24 Hours/Pushpendra Kumar Raikwar