खागा फतेहपुर ::- खागा नगर सड़क संघर्ष समिति के संयोजक धर्मेंद्र दीक्षित के निवास पर आज धार्मिक एवं सामाजिक वातावरण के बीच विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। श्री राम जन्म भूमि तीर्थ से पधारे प्रसिद्ध श्रीराम कथा वाचक आचार्य डॉ. चन्द्रांशु जी महाराज का नगरवासियों ने आत्मीय स्वागत किया।
आचार्य डॉ. चन्द्रांशु जी महाराज ने धर्मेंद्र दीक्षित के परिवार से भेंट कर विगत दिनों उनके पिता एवं भतीजे के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए परिवार को इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने का संदेश दिया। महाराज जी ने कहा कि जीवन और मृत्यु ईश्वर की व्यवस्था का हिस्सा हैं, लेकिन अपनों का बिछड़ना अत्यंत पीड़ादायक होता है। ऐसे समय में समाज और परिवार का साथ ही सबसे बड़ी शक्ति बनता है।
इस अवसर पर उपस्थित पर्यावरण पहरूवा एवं बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रवीण पांडेय ने आचार्य जी से विशेष आग्रह किया कि धार्मिक कथाओं और प्रवचनों के माध्यम से प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण तथा यमुना मैया की पीड़ा जैसे विषयों पर भी समाज को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि आज नदियां प्रदूषण, अतिक्रमण और उपेक्षा का शिकार हो रही हैं। यदि धार्मिक मंचों से जल, जंगल और जमीन बचाने का संदेश दिया जाए तो समाज में व्यापक जनजागरण संभव है।
प्रवीण पांडेय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नदियों, वृक्षों और प्रकृति को माता का स्वरूप माना गया है। वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि सामाजिक और धार्मिक दायित्व भी बन चुका है। उन्होंने यमुना नदी की बदहाल स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समाज को अब प्रकृति संरक्षण के लिए आगे आना होगा।
आचार्य डॉ. चन्द्रांशु जी महाराज ने भी पर्यावरण संरक्षण को मानव जीवन के लिए आवश्यक बताते हुए कहा कि धर्म का वास्तविक उद्देश्य केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति और मानवता की रक्षा करना भी है। उन्होंने कहा कि यदि जल, वन और पर्यावरण सुरक्षित रहेंगे तभी आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित रह सकेंगी।
कार्यक्रम में भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष संतोष सिंह, प्रेमशंकर मिश्रा, राजेश दीक्षित, उज्ज्वल दीक्षित, कार्तिक दीक्षित, अमन दीक्षित, अमित सोनी, दुर्गेश अवस्थी, अनिल वैभव तिवारी, मनोज गुप्ता, रमेश मिश्रा, अंकित तिवारी एवं धर्मेंद्र दीक्षित सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक समरसता, धार्मिक चेतना और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
ब्यूरो रिपोर्ट


