टहरौली ::- कस्बे के एक विवाहघर में राष्ट्र शौर्य समृद्धि 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ को सफल बनाने के लिए बृहद कार्यकर्ता बैठक हुई। इसमें झांसी जिले के विभिन्न शक्तिपीठों के प्रतिनिधियों के साथ टहरौली तहसील क्षेत्र के करीब 50 गांवों से श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। बैठक में 22 जनवरी 2027 को होने वाले तीन दिवसीय महायज्ञ की तैयारियों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम की शुरुआत वेदमाता गायत्री और गुरुजी-माताजी के चित्रों का पूजन एवं गायत्री मंत्र के उच्चारण से हुई। वक्ताओं ने गायत्री यज्ञ के महत्व, इससे होने वाले लाभ और अखिल विश्व गायत्री परिवार के उद्देश्यों की जानकारी दी। महायज्ञ को सफल बनाने के लिए श्रद्धालुओं से संकल्प पत्र भरवाए गए। लोगों ने अपनी श्रद्धानुसार समय, श्रम, साधना और धन सहयोग देने का संकल्प लिया।
बैठक में देवीदयाल यादव, हरिकृष्ण पुरोहित, श्रवण कुमार दीक्षित, आशाराम कुशवाहा, राजेंद्र द्विवेदी, आरबी सिंह, कैलाश नारायण अग्रवाल, संजीव खरे, मांडवी राजपूत, पुष्पा शिवहरे, जिला समन्वयक राधेश्याम यादव, सुरेश चन्द्र बबेले ने विचार व्यक्त किए। अंत में एडवोकेट घनश्यामदास यादव ने सभी का आभार जताया।
समथर, चिरगांव, मोठ, पूंछ, गुरसराय, ननसिया, गोती, गरौठा, सिकंदरा, बंगरा, रेवन, मऊरानीपुर, रानीपुर, तेहरका, ओरछा, झांसी और निवाड़ी समेत विभिन्न शक्तिपीठों के गायत्री परिजन बैठक में मौजूद रहे। टहरौली तहसील क्षेत्र के कस्बा टहरौली, बमनुआ, कुम्हरिया, रौरा, बकायन, परसा, कठऊ पहाड़ी, उजयान, चंदवारी, खोह, बेरवई, खिरक, सितौरा, बंगरा-बंगरी, घुरैया, गाता, बंका पहाड़ी, खिरिया, सिलोरी, नौटा, बरौरा, गढ़ी करगांव, फूलखिरिया, सरसेंडा, अतरसुआ, भस्नेह, दुरबई, धवारी, घांघरी, बिजना, बेंदा, भदोखर, कुंडार आदि गांवों से भी बडी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बैठक में सहभागिता की।


