जनपद बांदा।
बाँदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) की परियोजना अंतर्गत कृषक प्रशिक्षण एवं बीज वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कृषक प्रशिक्षण के दौरान मृदा विज्ञान के विभागाध्यक्ष एवं परियोजना के मुख्य अनवेषक, डॉ. जगन्नाथ पाठक ने किसानों को फसल पद्धति अर्थात दलहन और तिलहन फसल पद्धति के लाभ एवं मृदा में होने वाले सकारात्मक प्रभावों पर प्रकाश डाला। इस दौरान उन्होंने परियोजना में जो तीन उपचार लिए गए हैं। जैसे की परंपरागत कृषि, जैविक कृषि एवं प्राकृतिक कृषि इन तीनों कृषियों के मूलभूत अन्तर से कृषकों को अवगत कराया। अपनी खेती-बाड़ी को किसान भाई कैसे लाभकारी बनाए इसको लेकर विस्त्रत चर्चा हुई। प्रशिक्षण के दौरान, डॉ. जगन्नाथ पाठक ने बोलते हुए कहा कि जैविक पदार्थ अथवा जीवांश कार्बन मिट्टी की आत्मा है। अतः इसका संरक्षण एवं संवर्धन करना अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण में बाँदा के ग्राम कनवारा एवं महोबा के ग्राम लमौेरा के किसानों ने हिस्सा लिया और किसानों ने अपने प्रश्न भी किये जिसका विशेषज्ञों ने समाधान कर उनको बेहतर करने के उपाय बताए।
विभाग के अध्यापक गण डॉ. ए. के चौबे, डॉ. देव कुमार एवं डॉ. जे.के. तिवारी ने भी अपना सहयोग और विषय प्रतिपादन में सहभागिता की प्रशिक्षण में विभाग के अन्य कर्मचारी गौरव शुक्ला, लवलेश सिंह, देव ऋषि एवं छात्र छात्राएँ अनुराग, अभिषेक, आशीष आदि उपस्थित और सहयोग करते रहे।
Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट


