अभियोजन से संबंधित सभी मामलों में गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए: डीएम

जनपद बांदा।

बांदा जिलाधिकारी अमित आसेरी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, बांदा में अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में लंबित वादों के निस्तारण, गंभीर एवं संवेदनशील अपराधों में प्रभावी पैरवी, तथा पुलिस एवं अभियोजन विभाग के मध्य समन्वय की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अभियोजन से संबंधित सभी मामलों में गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए, जिससे अपराधियों को कानून के अनुरूप दंडित कराया जा सके तथा पीड़ितों को समय से न्याय मिल सके।

बैठक में जिलाधिकारी द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश :

गंभीर अपराधों में प्राथमिकता: गंभीर एवं संवेदनशील आपराधिक मामलों में विशेष ध्यान देते हुए प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए।

महिला एवं बाल अपराध: महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों तथा पॉक्सो अधिनियम से संबंधित मामलों में प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी पैरवी की जाए।

साक्ष्य एवं अभिलेख: न्यायालय में आवश्यक साक्ष्य, अभिलेख एवं अन्य प्रपत्र समय से प्रस्तुत किए जाएं, जिससे सुनवाई में अनावश्यक विलंब न हो।

पुलिस-अभियोजन समन्वय: विवेचना अधिकारी एवं अभियोजन अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करें तथा मामलों में आने वाली समस्याओं का समय से समाधान सुनिश्चित करें।

गवाहों की उपस्थिति: न्यायालयों में गवाहों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारी आवश्यक पैरवी करें।

नियमित मॉनिटरिंग: महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील मामलों की नियमित निगरानी की जाए तथा पैरवी में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अपराधियों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई हेतु मा न्यायालय के समक्ष प्रभावी पैरवी की जाए जिससे पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल सके।

बैठक में अपर जिलाधिकारी न्यायिक माया शंकर यादव सहित अभियोजन विभाग, पुलिस विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट