धाता फतेहपुर
दस थानों की पुलिस, पीएसी और ड्रोन कैमरे की निगरानी में हुई कार्रवाई
धाता– कस्बे में नवीन की जमीन पर किए गए निर्माण को करीब तीन माह पूर्व तहसील प्रशासन द्वारा ध्वस्त कराए जाने के मामले में शनिवार को हाईकोर्ट के आदेश पर जमीन की पैमाइश कराई गई। कार्रवाई के दौरान जिलाधिकारी निधि गुप्ता, उपजिलाधिकारी अश्विनी कुमार, तहसीलदार पीयूष कुमार, नायब तहसीलदार समेत राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब दस थानों की पुलिस और पीएसी तैनात रही। ड्रोन कैमरे और वीडियोग्राफी के जरिए पूरी कार्रवाई की निगरानी की गई।
जानकारी के अनुसार भानुप्रताप सिंह, अभय प्रताप सिंह और इंद्र कुमार सिंह ने हाईकोर्ट प्रयागराज में वाद दाखिल कर बताया था कि संबंधित जमीन का उन्हें पट्टा दिया गया था। उनका कहना था कि वर्ष 1994 में जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष चले मामले में पट्टे को सही पाया गया था। इसके बावजूद करीब तीन माह पहले तहसील प्रशासन ने बिना नोटिस दिए पट्टे की जमीन पर किए गए निर्माण को ध्वस्त करा दिया।
मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद न्यायालय ने पट्टे से संबंधित दस्तावेजों और मामले की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन के अधिकारियों को तलब किया। न्यायालय के निर्देश पर वरिष्ठ सिविल जज आकांक्षा मिश्रा, फतेहपुर की देखरेख में मौके पर जाकर जिलाधिकारी से जमीन की पैमाइश कराने और उसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट में प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया।
इसी क्रम में शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। एक दर्जन से अधिक लेखपाल और कानूनगो , नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी,की टीम ने राजस्व अभिलेखों के आधार पर जमीन की नाप शुरू की। शाम करीब साढ़े सात बजे तक पैमाइश की कार्रवाई पूरी की गई। अधिकारियों ने पट्टे से संबंधित जमीन की स्थिति का मौके पर सत्यापन किया।
प्रशासन ने पैमाइश की रिपोर्ट तैयार कर हाईकोर्ट में प्रस्तुत करने की बात कही है। मौके पर हाईकोर्ट, तहसील और जिला स्तर के अधिवक्ता भी मौजूद रहे। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और पूरे क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया। जो कस्बे सहित क्षेत्र में चर्चा का बिषय बना रहा |
ब्यूरो रिपोर्ट


