फतेहपुर। जिले के विजईपुर चौराहे पर स्थित सद्गुरु क्लीनिक में इलाज के बाद एक नाबालिग बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। मृतका के परिजनों ने क्लीनिक संचालक डॉक्टर ब्रजेश कुमार कोरी पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। बच्ची की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने शव को क्लीनिक के बाहर रखकर हंगामा किया और क्लीनिक को सीज करने की मांग की।
जानकारी के मुताबिक खखरेरू थाना क्षेत्र के सधुवापुर निवासी सर्वेश सिंह की नाबालिग बेटी यशी को 9 सितंबर को बुखार आने पर विजईपुर स्थित सद्गुरु क्लीनिक में इलाज के लिए लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ब्रजेश कुमार कोरी ने बुखार कम करने के लिए बच्ची को इंजेक्शन लगाया। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी और शरीर पर बड़े-बड़े छाले निकल आए।
परिजनों के अनुसार बच्ची की हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने इलाज करने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसे फतेहपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए कानपुर रेफर किया गया। बाद में परिजन बच्ची को लखनऊ स्थित केजीएमयू अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
बच्ची की मौत के बाद परिजन शव लेकर वापस सद्गुरु क्लीनिक पहुंचे और क्लीनिक के बाहर शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर क्लीनिक का बोर्ड हटाकर मौके से फरार हो गया। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि इलाज के लिए जमा किए गए करीब 10 हजार रुपये वापस करने के बाद डॉक्टर की ओर से कथित तौर पर धमकी दी गई।
सूचना पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि परिजन क्लीनिक को सीज करने और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। परिजनों ने न्याय न मिलने की स्थिति में सड़क जाम करने की चेतावनी भी दी।
फिलहाल मामले में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की कार्रवाई का इंतजार है। बच्ची की मौत का वास्तविक कारण और इलाज में लापरवाही के आरोपों की पुष्टि जांच तथा उपलब्ध चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।


