डेंगू के मिले पॉजिटिव केस, चिकित्सा विभाग की कार्यवाही शुरू, जल भराव वाले स्थानों पर लार्वा निरोधक दवा का किया छिडकाव

जनपद बांदा।

जनपद बांदा में दिनांक 7 अक्टूबर 2026 को जिला चिकित्सालय (पुरूष) बांदा से 01 केस डेगू धनात्मक रिपोर्ट किया गया है। जनवरी 2026 से बुधवार 07 अक्टूबर 2026 तक कुल 26 डेगू धनात्मक केस रिपोर्ट किये गये है। डेगू धनात्मक केसों के सापेक्ष स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरोधात्मक कार्यवाही की जा रही है। निरोधात्मक कार्यवाही के अन्तर्गत हाउस इण्डेक्स सर्वे, जल भराव वाले स्थानों पर लार्वा निरोधक दवा का छिडकाव एवं नगर पालिका के सहयोग से फॉगिंग का कार्य तथा डेगू से संक्रमित हेाने से बचाने के लिये जनमानस को पम्पलेट्स के माध्यम से स्वास्थ्य शिक्षा दी जाती है।

कार्यवाही का विवरण:

दिनांक 7.10.2026 को मुहल्ला बंगाली पुरा एवं आजाद नगर में निरोधात्मक कार्यवाही की गई जिसके अर्न्तगत टीम द्वारा कुल निरीक्षण किये गये स्थलों एवं घरों की संख्या- 120, निरीक्षण किये गये पात्रों की संख्या-665, एडीज मच्छर लारवा धनात्मक पाये गये घरों की संख्या-01, कुल धनात्मक पाये गये पात्रों की संख्या- 01 खाली करायें गयें पात्रों की संख्या- 01, एव मच्छर जनित स्थिति पैदा करने हेतु दी गयी नोटिस की संख्या- 1, स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जल भराव वाले स्थानों पर लार्वा निरोधक दवा का छिडकाव किया गया। टीम द्वारा जनसमुदाय को डेंगू, मलेरिया एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम, नियंत्रण एवं बचाव के वारे में पम्पलेट्स वितरण कर जानकारी दी गयी तथा नगर पालिका परिषद बांदा टीम द्वारा फौगिंग एवं साफ सफाई का कार्य किया गया।

डेंगू व मलेरिया समेत अन्य संचारी रोगों के नियंत्रण के लिये स्वास्थ्य विभाग की 08 सदस्यीय टीम- बल्दू, अनुराग द्विवेदी, राम देव कुशवंशी, प्रभात, प्रमोद अवस्थी, विकास, रमेश कुमार, अवधेश, आलोक कुमार।

बुखार होने पर क्या करेंः-

1.सामान्य बुखार होने पर नजदीक के राजकीय चिकित्सालय /प्रा०स्वा०केन्द्र /सामुु०स्वा०केन्द पर रक्त की जांच एवं उपचार अवश्य करायें। कोई भी बुखार डेगू, मलेरिया हो सकता है।

2.घर के कूलर बाल्टी घडे़ तथा ड्रम का पानी साप्ताहिक अन्तराल पर बदलते रहें।

3.घर के आस पास एवं गड्ढों में पानी एकत्रित न होने दे। पानी एकत्रित होने वाले स्थानों को मिट्टी से भर दे, यदि सम्भव न हो तो कुछ बूंद जले हूए मोबिल आयल को अवश्य डाल दे।

4.सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। शरीर पर मच्छर निरोधक क्रीम /नीम तथा सरसों के तेल का लेप खुले भागों पर लगायें। नीम की पत्ती का धुआं करें।

क्या न करेंः-

1.घर के आस पास छत पर तथा आंगन में पडे़ पुराने बर्तनों, टायर, कूलर, फूलदान, गमले में पानी इकट्ठा न होने दें।

2.घर के आस पास कूड़ा एकत्रित न होने दें एवं सफाई पर ध्यान दें।

3.घर में यदि बुखार का रोगी है तो उसे बिना मच्छरदानी के न रहने दें अथवा ऐसे कमरें में रोगी की देखभाल करें जिसके खिड़की तथा दरवाजे पर जालियां लगी हों।

4.बुखार का रोगी बिना चिकित्सक की सलाह के दवा का सेवन न करें तथा खाली पेट दवा न खाये।

Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट