जनपद बांदा।
बाढ़ की आपदा से प्रभावित परिवारों के बीच सहयोग, संवेदना और मानवीय सरोकार का संदेश लेकर बागवान चैरिटेबल ट्रस्ट, बांदा एवं विदुषी महिला कायस्थ समूह, बांदा द्वारा चित्रकूट में सराहनीय सामाजिक पहल की गई। सी.एम.ओ. कार्यालय, चित्रकूट में आयोजित कार्यक्रम में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों एवं गांवों के 100 क्षय रोगियों को पोषण किट एवं पानी की बोतलों का वितरण किया गया। कार्यक्रम जिलाधिकारी चित्रकूट पुलकित गर्ग के सानिध्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में टीबी रोग की रोकथाम एवं उसके उन्मूलन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत की जाए। उन्होंने विशेष रूप से क्रेशर एवं खनन क्षेत्रों तथा ऐसे अन्य संभावित इलाकों, जहां टीबी संक्रमण की आशंका अधिक है, का सर्वे कराकर बीमारी की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ. संतोष कुमार, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी; डॉ. एम.के. जतारया, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी; डॉ. दयाशंकर, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी; डॉ. अरुण कुमार पटेल, जिला क्षय रोग अधिकारी, आर.के. करवरिया, जिला कार्यक्रम प्रबंधक ज्ञानचंद्र शुक्ला, जिला कार्यक्रम समन्वयक क्षय रोग; अरुण कुमार कुशवाहा, जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता तथा विकास कुमार, डीसीपीएम सहित क्षय रोग विभाग के पीपीएम, एसटीएस एवं एसटीएलएस तथा अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

‘गिलहरी योगदान’ से दिया मानवता का संदेश:
बागवान चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से नीरज निगम, शैलेन्द्र सिंह बुंदेला, प्रगति कुमार श्रीवास्तव एवं ट्रस्ट के निदेशक पंकज बागवान उपस्थित रहे। ट्रस्ट के प्रतिनिधियों द्वारा लाभार्थी क्षय रोगियों को 100 पोषण किट एवं पानी की बोतलें वितरित की गईं। ट्रस्ट की इस पहल का उद्देश्य केवल जरूरतमंद क्षय रोगियों तक पोषण सामग्री पहुंचाना नहीं, बल्कि बाढ़ की विपरीत परिस्थितियों में उन्हें यह विश्वास दिलाना भी है बताया गया कि विपत्ति की इस घड़ी में समाज उनके साथ खड़ा है। इस पहल को ‘गिलहरी योगदान’ की भावना से जोड़ा गया। इसका संदेश है कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार छोटा-सा सहयोग भी करे तो वह किसी जरूरतमंद के जीवन में बड़ा सहारा बन सकता है।
महिला समूह ने बढ़ाया रोगियों का उत्साह:
कार्यक्रम में विदुषी महिला कायस्थ समूह की ओर से नीता खरे, निधि श्रीवास्तव, साधना निगम, रंजना श्रीवास्तव, सुमिता श्रीवास्तव, वैदेही खरे एवं रूपा खरे सहित समूह की अन्य सदस्यों ने सहभागिता की। महिला समूह की सदस्यों ने लाभार्थी क्षय रोगियों के बीच पहुंचकर उनका उत्साह बढ़ाया और उन्हें यह संदेश दिया कि सामाजिक सेवा केवल सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति को यह एहसास कराना भी है कि वह अकेला नहीं है और समाज उसके साथ खड़ा है।

सहयोग से बनता है संवेदनशील समाज:
बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के बाद प्रभावित लोगों को तत्काल राहत के साथ-साथ निरंतर स्वास्थ्य एवं पोषण सहयोग की भी आवश्यकता होती है। इसी भावना के साथ आयोजित यह कार्यक्रम सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था और सामाजिक संगठनों के सामूहिक सहयोग का उदाहरण बना।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आपदा कितनी भी बड़ी हो, यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार एक कदम आगे बढ़ाए, तो किसी जरूरतमंद के जीवन में आशा की रोशनी लाई जा सकती है। बागवान चैरिटेबल ट्रस्ट एवं विदुषी महिला कायस्थ समूह ने भविष्य में भी जरूरतमंद, क्षय रोगियों एवं आपदा प्रभावित परिवारों के सहयोग के लिए सामूहिक प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट


