राष्ट्रीय रॉकबॉल में बाँदा का परचम: रजत पदक विजेता खिलाड़ियों का BPMA में भव्य नागरिक अभिनंदन

जनपद बांदा।

बुंदेलखंड की खेल प्रतिभाओं ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। तेलंगाना के मेडक में 6 से 8 सितंबर 2026 तक आयोजित 10वीं सीनियर राष्ट्रीय रॉकबॉल चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय उपविजेता बनी उत्तर प्रदेश पुरुष टीम के खिलाड़ियों का बाँदा लौटने पर भागवत प्रसाद मेमोरियल एकेडमी (BPMA), श्रीनाथ विहार, चिल्ला रोड में भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया। खेलप्रेमियों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शहर के गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में राष्ट्रीय पदक विजेताओं का उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स किट, स्पोर्ट्स शूज, चमचमाती ट्रॉफी एवं फूलमालाएँ भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान खिलाड़ियों के चेहरे पर राष्ट्रीय उपलब्धि की खुशी थी, वहीं पूरे विद्यालय परिवार में अपने खिलाड़ियों की सफलता का गर्व साफ दिखाई दिया।

BPMA के खिलाड़ियों ने बढ़ाया उत्तर प्रदेश और बाँदा का मान:

राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की पुरुष टीम ने पूरे टूर्नामेंट में खेल कौशल, अनुशासन, टीम भावना और जुझारूपन का शानदार परिचय देते हुए रजत पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि को बाँदा के लिए और खास बनाने वाली बात यह रही कि उत्तर प्रदेश टीम में भागवत प्रसाद मेमोरियल एकेडमी से जुड़े खिलाड़ियों की महत्वपूर्ण भागीदारी रही। राष्ट्रीय उपविजेता टीम में कप्तान रिजवान खान, इरफान खान, सोहेल, नसरत खान, आफताब खान, आकाश कुमार एवं हर्षवर्धन ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इन खिलाड़ियों की सफलता ने न केवल विद्यालय बल्कि बाँदा और पूरे बुंदेलखंड की खेल प्रतिभाओं को नई पहचान दी है। विशेष बात यह भी रही कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से पूर्व खिलाड़ियों ने बाँदा मिनी ओलंपिक में प्रतिभाग किया था। स्थानीय स्तर पर मिले प्रतिस्पर्धात्मक अनुभव और लगातार अभ्यास का असर राष्ट्रीय मंच पर भी उनके प्रदर्शन में दिखाई दिया।

कोच हामिद खान की दोहरी उपलब्धि, अंतरराष्ट्रीय रेफरी बनने पर विशेष सम्मान:

समारोह का एक गौरवपूर्ण क्षण टीम कोच हामिद खान का विशेष अभिनंदन रहा। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश टीम का मार्गदर्शन करने के साथ ही हामिद खान को रॉकबॉल का अंतरराष्ट्रीय रेफरी नियुक्त किया गया है। उनकी इस उपलब्धि को बाँदा के खेल जगत के लिए महत्वपूर्ण कदम बताते हुए उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि एक ओर बाँदा के खिलाड़ी राष्ट्रीय पदक जीत रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यहाँ के प्रशिक्षकों और तकनीकी अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना जिले में विकसित हो रही खेल संस्कृति के लिए उत्साहजनक संकेत है।

खिलाड़ियों की सफलता से अभिभूत हुए चेयरमैन शिव शरण कुशवाहा:

भागवत प्रसाद मेमोरियल एकेडमी के चेयरमैन शिवशरण कुशवाहा खिलाड़ियों की उपलब्धि से अभिभूत नजर आए। उन्होंने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों ने यह सिद्ध किया है कि यदि प्रतिभा को सही प्रशिक्षण, अवसर और विश्वास मिले तो बाँदा के युवा किसी भी बड़े मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं। उन्होंने कहा आज इन बच्चों के गले में चमकता रजत पदक केवल एक पदक नहीं है; इसके पीछे उनका अभ्यास, अनुशासन, संघर्ष और अपने शहर के लिए कुछ कर दिखाने का सपना है। आज वे राष्ट्रीय उपविजेता बनकर लौटे हैं, लेकिन हमें यहीं नहीं रुकना है। अगला लक्ष्य और बड़ा होना चाहिए। मुझे विश्वास है कि यही बच्चे आने वाले समय में प्रदेश ही नहीं, देश का भी गौरव बढ़ाएँगे। उन्होंने कहा कि BPMA का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल कक्षा तक सीमित रखना नहीं, बल्कि शिक्षा के साथ खेल, अनुशासन, नेतृत्व और आत्मविश्वास के माध्यम से उनका सर्वांगीण विकास करना है।

शहर के खेल जगत ने एक मंच पर आकर बढ़ाया हौसला:

सम्मान समारोह की विशेषता यह रही कि खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने के लिए शहर के खेल, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग बड़ी संख्या में एक मंच पर उपस्थित रहे। इस अवसर पर तथागत ज्ञानस्थली, अतर्रा के संचालक शिवचरण कुशवाहा, उत्तर प्रदेश पैरा कराटे एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट साउदीउजमां खान, भारतीय जनता पार्टी बाँदा के उपाध्यक्ष एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी बाँदा के सचिव अमित सेठ ‘भोलू’, जिला वॉलीबॉल एसोसिएशन बाँदा के सचिव शिवकुमार गुप्ता, पूर्व जिला क्रीड़ा अधिकारी सबल सिंह, पूर्व अभियोजन अधिकारी गजराज सिंह, जिला ओलंपिक एसोसिएशन बाँदा के महासचिव डॉ. इन्द्र वीर सिंह, जिला कबड्डी एसोसिएशन के सचिव कमल सिंह यादव, उपक्रीड़ा अधिकारी कल्पना कमल तथा जिला व्यायाम शिक्षक अमिता कुशवाहा ने खिलाड़ियों का अभिनंदन किया। इसके अलावा रमेश कुमार, विजय ओमर, मनोज जैन, बृजेश गुप्ता, रोहित जैन, धनंजय करवरिया, मनोज कुमार मिश्र, राजेन्द्र अवस्थी, शाहिद वली खान, रमेश चंद्र, सुरेश कुमार, ज्ञानचन्द्र, वेद प्रकाश एवं तौफीक सहित बड़ी संख्या में खेलप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। समारोह का संचालन महेश साहिल एवं महेश गर्ग ने संयुक्त रूप से किया। वक्ताओं ने राष्ट्रीय उपविजेता टीम के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि बाँदा में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। आवश्यकता उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, नियमित प्रतियोगिता, उचित संसाधन और निरंतर प्रोत्साहन उपलब्ध कराने की है।

राष्ट्रीय रजत मंजिल नहीं, स्वर्ण की ओर बढ़ता कदम:

समारोह में खिलाड़ियों को भविष्य के लिए एक स्पष्ट संदेश भी दिया गया—इस सफलता को अंतिम उपलब्धि न मानकर अगले लक्ष्य की शुरुआत बनाया जाए। राष्ट्रीय स्तर पर रजत पदक तक पहुँचना बताता है कि बाँदा के खिलाड़ी शीर्ष स्तर की प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं। अब जरूरत इसी अनुशासन और मेहनत को और मजबूत करते हुए राष्ट्रीय स्वर्ण तथा आगे अंतरराष्ट्रीय मंच की ओर बढ़ने की है। विद्यालय प्रबंधन ने भी खेलों को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाते हुए विद्यार्थियों को विभिन्न खेल विधाओं में प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धात्मक अवसर उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

समारोह के अंत में BPMA के संचालक अंकित कुशवाहा ने खिलाड़ियों की सफलता को बाँदा की सामूहिक उपलब्धि बताते हुए सभी अतिथियों, खेल संघों, प्रशिक्षकों, खेलप्रेमियों एवं गणमान्य नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी की सफलता केवल एक संस्था की सफलता नहीं होती; उसके पीछे परिवार, प्रशिक्षक, खेल संगठन और पूरे शहर का सहयोग होता है। उन्होंने खिलाड़ियों को आगे और कठिन परिश्रम करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बाँदा से राष्ट्रीय मंच तक की यह यात्रा अब अंतरराष्ट्रीय मंच की ओर बढ़नी चाहिए। रजत पदक लेकर लौटे इन खिलाड़ियों ने बाँदा के युवा खिलाड़ियों को एक नया विश्वास दिया है—मैदान छोटा हो सकता है, संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन लक्ष्य और हौसले की कोई सीमा नहीं होती। बाँदा से राष्ट्रीय मंच तक पहुँची यह सफलता अब एक नई चुनौती भी है—अगली बार लक्ष्य सिर्फ पदक नहीं, स्वर्ण हो।

Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट