सनातन धर्म और रामभक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: कांग्रेस

जनपद बांदा।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय के निर्देश पर दिनांक 03 सितम्बर 2026 को ग्राम पंचायत डिंगवाही एवं रेउना में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित के नेतृत्व में “चंदा चोरों, गद्दी छोड़ो” चौपाल बैठकों का आयोजन किया गया। बैठकों में ग्राम पंचायत अध्यक्षों, कांग्रेस पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की। चौपाल को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने कहा कि अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और कथित अनियमितताओं के मामले में सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आया है तो दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। जनता यह जानना चाहती है कि इतने समय बाद भी इस मामले में प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

उन्होंने आरोप लगाया कि जांच प्रक्रिया को लेकर भी अनेक सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि SIT की रिपोर्ट में किन परिस्थितियों में किन लोगों के नाम हटाए गए और किस आधार पर उन्हें जिम्मेदारियों से मुक्त माना गया, यह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाना चाहिए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों को कानून के अनुसार दंडित किया जाए।

राजेश दीक्षित ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और रामलला के नाम पर प्राप्त प्रत्येक चढ़ावे का एक-एक पैसा श्रद्धालुओं के विश्वास से जुड़ा है। इसलिए किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता अथवा भ्रष्टाचार की आशंका को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि जनता को जांच की वास्तविक स्थिति और कार्रवाई की पूरी जानकारी मिलनी चाहिए। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि धर्म और आस्था को राजनीतिक लाभ का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। जो लोग भगवान श्रीराम के नाम पर जनता से समर्थन मांगते हैं, उन्हें सबसे पहले रामभक्तों की आस्था, मंदिर की गरिमा और जनता के विश्वास की रक्षा करनी चाहिए।

महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने भी उठाए सवाल:

महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष सीमा खान एडवोकेट ने चौपाल को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा प्रकरण में अब तक क्या कार्रवाई हुई और जांच की वर्तमान स्थिति क्या है। उन्होंने कहा कि जनता को केवल राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि पूरे मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही चाहिए। उन्होंने कहा कि राम के नाम पर राजनीति करने वाली सरकार यदि वास्तव में रामभक्तों की भावनाओं का सम्मान करती है तो उसे मंदिर से जुड़े प्रत्येक आर्थिक मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता सब देख और समझ रही है तथा लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का ही होता है।

सीमा खान ने कहा कि कांग्रेस किसी धर्म अथवा आस्था के विरुद्ध नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार, अनियमितता और सत्ता के दुरुपयोग के विरुद्ध आवाज उठा रही है। उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर करोड़ों लोगों की श्रद्धा से जुड़ा है, इसलिए उससे संबंधित किसी भी मामले में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “राम के नाम पर राजनीति करने के बजाय राम के आदर्शों—सत्य, न्याय और मर्यादा—का पालन किया जाना चाहिए।” उन्होंने सरकार से मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर जनता के सामने तथ्य रखे जाएं और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध बिना किसी राजनीतिक दबाव के कानूनी कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों ने भी रखीं स्थानीय समस्याएं:

डिंगवाही एवं रेउना में आयोजित चौपाल बैठकों के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से कांग्रेस नेताओं को अवगत कराया। ग्रामीणों ने स्थानीय विकास, मूलभूत सुविधाओं एवं ग्राम पंचायत से संबंधित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। कांग्रेस पदाधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए संबंधित स्तर पर आवाज उठाने का आश्वासन दिया। चौपाल बैठकों में जिला महासचिव कालीचरण निगम, लालबाबू राजपूत सहित ग्राम पंचायत डिंगवाही के ग्राम अध्यक्ष संतोष सिंह राजपूत, ब्लॉक अध्यक्ष बड़ोखर खुर्द जयकरन राजपूत, रामविशाल, रामराज, रवि सोनी, कुन्दन सिंह, अरविन्द कुमार, हरिओम राजपूत आदि मौजूद रहे।

वहीं ग्राम पंचायत रेउना में ग्राम अध्यक्ष हरिओम तिवारी, रामबली पाठक, सुरेश बाबू साहू, तेज सिंह, शफीक, इरफान, मदन यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता की आस्था, लोकतांत्रिक अधिकार और सार्वजनिक धन की पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। कांग्रेस ने मांग की कि मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए और दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट