जनपद बांदा।
पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशन में मासिक एस०जे०पी०यू० एवं जनपदीय बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न स्टेकहोल्डर्स की बैठक को दिनांक 29 जुलाई 2026 अपर पुलिस अधीक्षक बांदा शिवराज की अध्यक्षता में किया गया। इस दौरान बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत बाल विवाह की रोकथाम हेतु जागरूकता अभियान चलाने तथा मानक संचालन प्रक्रिया (एस०ओ०पी०) को अपनाने पर बल दिया गया। बाल विवाह का मामला पाए जाने पर लड़की एवं लड़के के माता-पिता सहित विवाह संपन्न कराने वाले व्यक्तियों, टेंट हाउस तथा कैटरर्स के विरुद्ध विधिक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। साथ ही बाल श्रम मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने हेतु निरंतर कार्यवाही पर जोर दिया गया। गुमशुदा बच्चों को खोजने तथा उनकी सूचना समय से CCTNS एवं वात्सल्य पोर्टल में फीडबैक के साथ अपडेट किए जाने हेतु निर्देशित किया गया। बरामद बालिकाओं के नियमानुसार आंतरिक चिकित्सीय परीक्षण कराए जाने की प्रक्रिया को विस्तार से बताया गया एवं आने वाली समस्याओं का भी समाधान किया गया। महिला पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अपराध से पीड़ित होने की स्थिति में आवश्यकता अनुसार काउंसलिंग कराते हुए आंतरिक चिकित्सीय परीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाए। पीड़िता के धारा 180 BNSS के अंतर्गत बयान केवल महिला उपनिरीक्षक या उससे ऊपर के अधिकारी द्वारा ही दर्ज किए जाएं। पीड़िता द्वारा दिए गए बयानों की पुष्टि कॉल रिकॉर्ड तथा परिजनों के बयानों से भी की जाए। पीड़िता जितने दिन बाहर रही, कहाँ-कहाँ रही, किसके साथ रही तथा उसके साथ क्या अपराध हुआ,इन सभी तथ्यों से संबंधित पर्याप्त एवं सुसंगत साक्ष्य संकलन किए जाने हेतु विवेचकों को निर्देशित किया गया। ऐसी बालिकाएं जो चार माह से अधिक समय से बरामद नहीं हुई हैं, उनके मामलों में उनके लैंगिक शोषण की संभावना मानते हुए विवेचना में AHTU द्वारा कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए गए। साथ ही पीड़ित बच्चों की गोपनीयता बनाए रखते हुए उन्हें बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत कर उनके संरक्षण, देखरेख एवं पुनर्वास को सुनिश्चित किये जाने हेतु भी निर्देशित किया गया। CCL श्रेणी के ऐसे किशोर जिनके द्वारा कोई अपराध कारित किया गया है, उनके मामलों में नियमानुसार किशोर न्याय बोर्ड (JJB) को भेजा जाए। चरित्र सत्यापन के समय यह सुनिश्चित किया जाए कि यदि अपराध 18 वर्ष से कम आयु में कारित किया गया हो, तो किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार ही कार्यवाही एवं सत्यापन किया जाए।
Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट


